जनपद पीलीभीत के थाना घुंघचाई पुलिस ने नकली कफ सिरप तैयार कर बेचने वाले झोलाछाप सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास 375 शीशियां और कफ सिरप तैयार करने का पूरा सामान बरामद हुआ। आरोपी दो साल से फर्जी क्लीनिक की आड़ में नशे का धंधा चला रहा था। वह टोपेक्स गोल्ड व क्योरेक्स-टी जैसे ब्रांड के नाम से खांसी की दवा बनाकर बिक्री कर रहा था। पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक पूरनपुर क्षेत्र में एक युवक नशे के सिरप बनाने की सूचना मिली थी। बताया गया था कि युवक शाहजहांपुर जिले के थाना खुटार के मुरगांव गांव में नकली कफ सिरप बनाकर मेडिकल और नशा करने वाले युवकों को बेचता था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सोमवार रात सीओ पूरनपुर प्रतीक दहिया, घुंघचाई इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह ने पुलिस टीम के साथ पूरनपुर थाना क्षेत्र के लाहा गांव निवासी आरोपी सुरेश कुमार को उसके घर से गिरफ्तार किया। जब उसे कोडीन युक्त सिरप को लेकर पूछताछ की गई। तो उसने पुलिस की पूछताछ में नकली कफ सिरप बनाने की बात स्वीकार की।
375 शीशियां बरामद, सोमवार रात आरोपी को घर से किया गया गिरफ्तार
आरोपी के कब्जे से 340 बोतल टोपेक्स गोल्ड और 35 बोतल क्योरेक्स-टी समेत सिरप की कुल 375 शीशियां बरामद की। कफ सिरप बनाने से संबंधित सामग्री, पांच पैकेट में 488 नई खाली शीशियां (बिना ढक्कन), 110 रैपर, 1939 ढक्कन, 03 स्प्रिट से भरी शीशियां, ऑरेंज फ्लेवर नंबर-एक, एक छोटा गैस सिलिंडर और एक बाइक बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सुरेश कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। मंगलवार को एएसपी विक्रम दाहिया ने प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मुनाफे के लालच में उसने दो साल पहले खुटार के मुरगांव गांव में फर्जी क्लीनिक की आड़ में नकली कफ सिरप बनाना शुरू किया।
कोडीन युक्त सिरप की बिक्री बंद होने के बाद उसने ब्रांडेड नामों से नकली सिरप तैयार करना शुरू किया। ऑरेंज फ्लेवर और थोड़ी मात्रा में असली सिरप मिलाकर यह कफ सिरप तैयार किया जाता था। आरोपी ने बताया कि एक 200 एमएल शीशी तैयार करने में 75 से 80 रुपये खर्च आते थे, जबकि बाजार में इसे महंगे दामों पर बेचा जाता था। पुलिस ने कहा कि इस धंधे में शामिल अन्य सहयोगियों को भी जल्द चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।