देवरनियाँ । नगर पंचायत देवरनियाँ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि योजना के सर्वे के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने मनमानी करते हुए अपात्र लोगों को आवास स्वीकृत करा दिए, जबकि वास्तविक पात्र लाभार्थियों को योजना से वंचित कर दिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई ऐसे गरीब परिवार हैं जो आज भी किराये के मकान या तिरपाल डालकर जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन उनकी फाइलों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आरोप यह भी है कि पात्र लोगों द्वारा जमा की गई आवेदन फाइलें रहस्यमय ढंग से गायब कर दी गईं। जानकारी मांगने पर संबंधित कार्यालय द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ नौकरीपेशा व्यक्ति और पक्के मकानों व कई एकड़ जमीन के मालिकों को भी योजना का पात्र दिखाकर आवास स्वीकृत कर दिए गए हैं। इससे वास्तविक पात्र लोगों में भारी रोष है।
पीड़ितों का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।