मथुरा की राधेश्याम कालोनी में आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन में संस्कृत की विद्वान डॉ मालती ने कहा कि हिन्दू समाज को निर्भीक बनना होगा, तभी राष्ट्र को सही दिशा पर ले जा सकेगा, और निर्भीक बनने के लिए समाज को एक होना होगा। क्योंकि जब तक हम बंटते रहेंगे तब तक हम अकेले रहेंगे। अकेला आदमी सदा डरता है, इसीलिए हिन्दू समाज को संगठित होना होगा। जात-पात और अमीर-गरीब का भेद छोड़कर एक होना होगा, तब ही हम निर्भीक बन पाएंगे।
समाज को एकजुट करने वाली शक्तियों का साथ दें - डॉ अजय
श्रीजी बाबा स्कूल के पूर्व प्राचार्य डॉ अजय शर्मा ने कहा कि आज हिन्दू समाज को बांटने में बहुत सी शक्तियां लगीं है, जिनको अंतरराष्ट्रीय समर्थन एवं सहयोग मिलता रहता है। परन्तु दूसरी तरफ हिन्दू समाज को संगठित करने में भी बहुत सी शक्तियां लगीं हुई हैं, समाज को चाहिए कि संगठित करने वाली शक्तियों का साथ दे, और समाज को संगठित करने का प्रयास करें।
हिन्दू अध्यात्म चरम प्राप्त कर बनता है संत- आचार्य चैतन्य
सम्मेलन में आचार्य दिव्य चैतन्य महाराज ने कहा कि हिन्दू अगर अध्यात्म का चरम प्राप्त कर ले तो संत बन जाता है। दीन दुनिया से कट जाता है उसके बाद वह सिर्फ एकांत ढूंढता है, और अपनी आत्मा को परमात्मा से मिलाने का प्रयास करता है। ऐसा अनुपम जीवन दर्शन कहीं और देखने को नहीं मिलता, लेकिन फिर भी हिन्दू को अत्यधिक सहिष्णु होने का नुकसान उठाना पड़ता है। अब समय आ गया है कि अपने सहिष्णु होने से अब अपना नुकसान न होने पाए। समिति अध्यक्ष रहे घनश्याम सैनी ने सभी आगंतकों एवं दानदाताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।