समस्त देशवासियों
को {26 जनवरी}गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
गणतंत्र दिवस का पावन
अवसर हमें भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता
के प्रति अपने दायित्वों को पुनः स्मरण कराने का दिन है।
26 जनवरी 1950 का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है।
इसी दिन भारत ने अपना संविधान लागू कर स्वयं को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। यह केवल एक
ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक है।
गणतंत्र दिवस हमें यह अहसास कराता है कि देश की सर्वोच्च शक्ति जनता के हाथों में
निहित है।
हमारा संविधान
विश्व का सबसे विस्तृत और सशक्त संविधान है, जिसने प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्याय का
भरोसा दिया। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित सभी महान विभूतियों ने
सामाजिक समरसता, समानता और बंधुत्व की नींव पर भारत के
लोकतंत्र का निर्माण किया। आज जब हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, तो यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम
संविधान की गरिमा और मूल भावना की रक्षा करें।
गणतंत्र दिवस केवल
अधिकारों का उत्सव नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है।
एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश की एकता और अखंडता बनाए रखना, सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना और राष्ट्रहित
में कार्य करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आज जब देश विकास के नए आयाम छू
रहा है, तब हमें जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत माता
की सेवा में जुटना होगा।
वर्तमान भारत युवा
शक्ति, विज्ञान, तकनीक और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के
संकल्प के साथ राष्ट्र निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। गणतंत्र दिवस हमें यह
प्रेरणा देता है कि हम ईमानदारी, परिश्रम और निष्ठा
के साथ देश के विकास में अपना योगदान दें।
आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम यह संकल्प लें कि
हम संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को अपने जीवन में उतारेंगे। एक सशक्त लोकतंत्र की पहचान सजग नागरिकों से होती
है, और वही भारत के उज्ज्वल भविष्य की
आधारशिला हैं।
इस पावन अवसर पर
तिरंगे के सम्मान, राष्ट्र की सेवा और देशभक्ति के संकल्प
के साथ सभी को गणतंत्र दिवस की ढेरों शुभकामनाएँ।
जय हिंद, जय भारत।