अर्पन राज उपाध्याय,कासगंज।
26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय, लखनऊ से जारी आदेशों का सोरों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर कोई असर दिखाई नहीं दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 23 जनवरी को पत्रांक संख्या 292 के माध्यम से मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) एवं जनपद के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे कि 25 जनवरी से लेकर 26 जनवरी की रात तक सभी स्वास्थ्य केंद्रों को रोशनी एवं इलेक्ट्रॉनिक झालरों से सजाया जाए, ताकि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा और उल्लास स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश के क्रम में जनपद के अधिकांश सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्देशों का पालन करते हुए बिजली की रोशनी, रंग-बिरंगी इलेक्ट्रॉनिक झालरों और सजावट की व्यवस्था की गई। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर देर रात तक जगमगाहट देखने को मिली, जिससे आमजन में भी सकारात्मक संदेश गया।
लेकिन सोरों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति इससे बिल्कुल विपरीत रही। 25 जनवरी की रात जब पूरे जनपद में गणतंत्र दिवस की तैयारियों का उत्साह दिखाई दे रहा था, उसी समय सोरों सीएचसी परिसर में अंधेरा पसरा रहा। न तो भवन पर कोई इलेक्ट्रॉनिक झालर लगाई गई और न ही रोशनी की अतिरिक्त व्यवस्था की गई। ऐसा प्रतीत हुआ मानो मुख्यमंत्री कार्यालय और सीएमओ द्वारा जारी आदेश केवल कागज़ों तक ही सीमित रह गए हों।
स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र की यह उपेक्षा बेहद निराशाजनक है। सरकारी आदेशों की अनदेखी से न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं, बल्कि आमजन में गलत संदेश भी जाता है।
अब सवाल यह उठता है कि जब स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे, तो सोरों सीएचसी प्रभारी द्वारा उनका पालन क्यों नहीं किया गया। क्या इस लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आदेशों की अवहेलना ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
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