जागरण टुडे, कासगंज।
UGC द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कासगंज में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों से जुड़े लोगों ने इसे “काला कानून” बताते हुए सरकार से तत्काल वापस लेने की मांग की। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में गुरुवार को ब्राह्मण समाज के लोग एकजुट होकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे।
इस दौरान आयोजित बैठक और विरोध प्रदर्शन में वक्ताओं ने UGC के नए कानून को छात्रों और शिक्षकों के हितों के खिलाफ बताया। ब्राह्मण कल्याण सभा सोरों के संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पाण्डेय ने कहा कि यह कानून सीधे तौर पर छात्रों को शिक्षा से वंचित करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियमों से अध्यापकों की भूमिका सीमित हो जाएगी और शिक्षा व्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर “सबका साथ, सबका विकास” की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह का कानून लाकर समाज के एक वर्ग के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा रही है।
शरद कुमार पाण्डेय ने बरेली की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कानून के विरोध में आवाज उठाने पर सिटी मजिस्ट्रेट को जिलाधिकारी कार्यालय में बंधक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा और अधिकारियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अखण्ड आर्यवर्त निर्माण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा कि UGC का नया कानून भविष्य में छात्रों और समाज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने बताया कि इसके विरोध में एक व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है और देशभर में ब्राह्मण समाज को संगठित किया जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस कानून के खिलाफ खुला और लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।
वहीं राष्ट्रीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय संयोजक शिवबेंदेल ने कहा कि यह कानून छात्रों के शोषण की दिशा में एक कदम है और इसका विरोध पूरे देश में हो रहा है। उन्होंने समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए सरकार से कानून पर पुनर्विचार की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान “UGC कानून वापस लो” जैसे नारे लगाए गए। मौके पर मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।