भोजीपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रहापुरा करीम बख्श की प्रधान शशि गंगवार के पति रामकिशोर और रोजगार सेवक जसवंत के खिलाफ बच्चे की मौत के मामले में लिखाई गई एफआईआर को लेकर ग्राम प्रधानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अखिल भारतीय प्रधान संगठन भोजीपुरा ब्लॉक अध्यक्ष कुलवंत के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक प्रधानों ने ब्लॉक परिसर में धरना प्रदर्शन किया। प्रधानों का कहना है कि इस तरह तो गांवों में विकास कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। प्रधानों का कहना है कि रामकिशोर और जसवंत के खिलाफ लिखाई गई एफआईआर जब तक वापस नहीं होगी तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
गुरुवार 22 जनवरी को ग्राम पंचायत रहापुरा करीम बख्श के मजरा मोहम्मदपुर ठाकुरान में पानी निकासी के लिए बने नाले में गिरने से डेढ़ वर्षीय बालक प्रयाग की मौत हो गई थी। इस पर बच्चे की मां कलावती ने ग्राम प्रधान शशि गंगवार के पति रामकिशोर और रोजगार सेवक जसवंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। कलावती का आरोप है कि उनके मना करने के बावजूद नाला बना दिया गया, जबकि इसकी जरूरत नहीं थी। इसका पता लगने पर अखिल भारतीय प्रधान संगठन ग्राम प्रधान पति रामकिशोर के पक्ष में खुलकर आ गये।
शनिवार 25 जनवरी को भोजीपुरा ब्लॉक अध्यक्ष कुलवंत के नेतृत्व में प्रधानों ने बीडीओ के जरिए सीडीओ को ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन में एफआईआर वापस न लेने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। संगठन पदाधिकारियों ने भोजीपुरा थाना प्रभारी से भी मुलाकात कर एफआईआर पर विरोध जताया था। मगर पुलिस-प्रशासन ने उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया।
मंगलवार 27 जनवरी को ब्लॉक अध्यक्ष कुलबंत सिंह के नेतृत्व में प्रधान संगठन के पदाधिकारी भोजीपुर ब्लॉक परिसर में एकत्र हुए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुलबंत सिंह का कहना था कि बालक प्रयाग की मौत के मामले में प्रधान पति रामकिशोर और रोजगार सेवक जसवंत का कोई दोष नहीं है। नाले के ऊपर सीमेंट की पटियां डाली गई थीं। सफाई के लिए नाले का कुछ हिस्सा खुला छोड़ा गया था।
उनका कहना है कि इतने छोटे बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी परिवार की होती है। लापरवाही तो परिवार के लोगों ने की जो बच्चे को इस तरह छोड़ दिया गया। बेवजह प्रधानों या उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी जाएगी तो गांवों में विकास कार्य कैसे हो पाएंगे। प्रधान संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि रामकिशोर के खिलाफ लिखाई गई एफआईआर जब तक पुलिस खत्म नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान जितेंद्र गंगवार, सर्वेश मौर्य, राम कुमार गंगवार, विवेक गंगवार, रामनिवास गंगवार, केंदारनाथ, नरेश गंगवार, राधा यादव आदि मौजूद रहे।