डीएम नहीं मिले तो कलेक्ट्रेट गेट पर समर्थकों ने की नारेबाजी, किया धरना-प्रदर्शन
यूजीसी बिल और प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और बटुकों के साथ किए गए अभद्र व्यवहार से आहत होकर इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को पद से इस्तीफा देने के बाद निलंबित कर दिया गया। उनका आरोप है कि लखनऊ के एक अफसर ने फोन पर उनसे अमर्यादित भाषा में बात की। इससे आक्रोशित अलंकार अग्निहोत्री ने मंगलवार को समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। समर्थकों के नारेबाजी, हंगामा करने से करीब तीन घंटे तक कलेक्ट्रेट का माहौल गरमाया रहा। एडीएम सिटी ने समझाने का प्रयास किया तो अलंकार अग्निहोत्री उन पर नाराज हो गए और बोले- अरेस्ट करने आए हैं क्या, पहले डीएम से पूछें कि फोन पर कौन अफसर था, जिसने ब्राह्मणों के लिए अमर्यादित भाषा बोली। इस दौरान अलंकार अग्निहोत्री के तल्ख तेवर देख अन्य अफसर पीछे हट गए।
शासन ने डीएम अविनाश सिंह की रिपोर्ट पर इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को सोमवार देर रात सस्पेंड कर शामली डीएम कार्यालय से अटैच कर दिया। इस मामले में कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी को जांच अधिकारी नामित कर दिया गया। पीसीएस अफसर के इस्तीफे से उपजा विवाद और आक्रामक हो गया। मंगलवार सुबह अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में ब्राह्मण समाज के साथ कांग्रेस, सपा के कई नेता और अन्य संगठन के लोग कलेक्ट्रेट जा पहुंचे। कलेक्ट्रेट का गेट बंद होने से वह समर्थकों संग वहीं धरने पर बैठ गए। धरना देते देख अन्य अफसर सकते में आ गए। अलंकार के कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन की तैयारी पहले से थी, इसलिए सुबह से ही कलेक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कई सीओ, इंस्पेक्टर संग पीएसी तक तैनात कर दी गई थी।
दरअसल, एडीएम कंपाउंड में मौजूद उनके आवास पर पुलिस का सख्त पहरा बैठा दिया गया था। उनके आवास में पहुंचने वाले मेन गेट को बंद कर दिया गया। आवास खाली करने के बाद अलंकार रात में अपने सरकारी आवास में ही रुके थे। सुबह कई अधिकारी उनके आवास पहुंचे तो वह बाहर निकले और कलेक्ट्रेट जाकर धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक कलेक्ट्रेट पर उनके समर्थकों ने नारेबाजी की, जिससे माहौल गरमा गया।
करीब एक घंटे बाद एडीएम सिटी के बुलाने पर अलंकार धरने से उठकर कुछ समर्थकों के साथ सभागार में गए। इस दौरान उनके समर्थक यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने के नारे लगाते रहे। कुछ देर तक सभागार में अलंकार अग्निहोत्री व अन्य अफसरों के साथ बातचीत चली। अफसरों के साथ मीटिंग के बाद बाहर निकले अलंकार ने कहा कि जिलाधिकारी को अगर कोई बात करनी है तो यहीं आकर करें। उन्होंने कहा कि बैठक में कोई बात नहीं हो पाई।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट पर आने की बात कही थी, लिहाजा वह लोग धरने से उठकर सभागार में आ गए थे। डीएम नहीं पहुंचे तो अलंकार ने समर्थकों के साथ जिलाधिकारी कक्ष के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक मां भवानी, जय परशुराम, जय श्रीराम आदि धार्मिक नारे लगाते हुए यूजीसी बिल वापस लेने, अफसर का नाम बताने सहित अन्य मांगें दोहराईं।
इस दौरान एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन, एडीएम न्यायिक, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार व एसपी देहात आदि अफसरों ने अलंकार अग्निहोत्री को मनाने की कोशिश की, मगर वह इस बात पर अड़े रहे कि जिलाधिकारी आकर जवाब दें कि फोन पर अमर्यादित शब्द किस अफसर ने कहे थे। अधिकारियों ने समझाया कि उनको जो भी बात कहनी है, दिक्कत है, मन में कोई बात है तो उच्चतम स्तर पर उनकी बात सभी सुनने को तैयार हैं। संवाद से ही हल निकाला जा सकता है।
इन सब बातों पर अलंकार अग्निहोत्री सिर्फ एक ही बात कहते रहे, "क्या आप मुझे अरेस्ट करने आए हैं।" करीब पांच बार उन्होंने अरेस्ट करने की बात कही, इससे अचानक माहौल गरमा गया, इस दौरान तेज आवाज में एडीएम सिटी से कहते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जिलाधिकारी से आपको सवाल पूछना चाहिए फोन पर अमर्यादित बात कहने वाला अफसर कौन था और किसके लिए कही गईं थीं।
डीएम कैंप कार्यालय में बंधक बनाने व एक अफसर के गाली देने लगाया आरोप
अलंकार अग्निहोत्री सोमवार शाम को करीब सात बजे बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडेय तथा कुछ अन्य लोगों के साथ डीएम के कैंप कार्यालय पहुंचे। वहां डीएम, अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एडीएम फाइनेंस संतोष कुमार सिंह, एडीएम जे देश दीपक सिंह मौजूद थे। करीब पौन घंटे के बाद अलंकार अग्निहोत्री डीएम कैंप से बाहर निकले। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम कैंप कार्यालय में अफसरों ने पौन घंटे तक उन्हें बंधक बनाए रखा। उनकी साजिश रातभर बंधक बनाकर रखने की थी, जैसे ही भनक लगी तो फोन करके बार एसोसिएशन के सचिव को कॉल की।
जब अफसरों को लगा कि बात मीडिया तक पहुंच गयी है तो पांच मिनट के अंदर अफसरों ने उन्हें छोड़ दिया। अलंकार अग्निहोत्री ने एक और आरोप लगाया कि शासन से डीएम के पास किसी बड़े अफसर की कॉल आई, स्पीकर ऑन करते हुए डीएम ने बात की तो शासन में बैठे अफसर ने अभद्र भाषा में बात की। कहा इसे रात भर बैठाए रखो। साथ ही उन्हें दो घंटे में आवास खाली करने की चेतावनी दी गई।