जागरण टुडे, कासगंज। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत बुधवार को सिढ़पुरा विकास खण्ड कार्यालय के सभागार में एक विशेष जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए एआरटीओ आर.पी. मिश्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा है, जिसका मुख्य कारण यातायात नियमों की जानकारी का अभाव और उनका पालन न किया जाना है। जो कि स्वंय मौत को न्यौता देना ही है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में ‘ग्राम दूत’ की भूमिका निभाएं और लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि यदि ग्राम प्रधान स्वयं यातायात नियमों का पालन करेंगे तो गांव के लोगों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। यह केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि स्वयं और परिवार की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।
गोष्ठी में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। एआरटीओ ने बताया कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना, चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाना और सड़क के बाईं ओर न चलना दुर्घटनाओं के मुख्य कारण हैं।
उन्होंने स्कूली बच्चों को निर्धारित बस स्टॉप पर ही चढ़ने-उतरने, सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर चलने तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवारियां न बैठाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने विगत वर्ष दरियावगंज के पास तालाब में हुए ट्रैक्टर हादसे का उल्लेख करते हुए बताया कि इस दर्दनाक दुर्घटना में 20 से 25 लोगों की जान चली गई थी।
कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए, हर गांव और हर घर तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाना तथा दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाना बताया गया।
गोष्ठी में डीपीओ सुशीला यादव, बीडीओ श्रेती गर्ग, एडीओ पंचायत संतोष कुमार, प्रभारी एडीओ ग्राम विकास हरिओम प्रतिहार, कस्बा इंचार्ज उपनिरीक्षक प्रदीप मलिक सहित अनेक ग्राम प्रधान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।