उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन द्वारा “इंटीग्रेटेड अवेयरनेस वर्कशॉप-रैम्प प्रोग्राम” में कई जानकारियां साझा की गईं।
शहर के होटल स्वर्ण टावर में हुए कार्यशाला नगर आयुक्त संजीव मौर्या एवं उपायुक्त उद्योग विकास यादव एवं संस्थाओ के पदाधिकारियो ने दीप प्रज्जवलित कर आरंभ की। कार्यशाला के दौरान रैम्प टीम द्वारा एम एस एम ई से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों एक्सपोर्ट प्रमोशन, श्रम कानून एवं अन्य सरकारी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। डोमेन विशेषज्ञों और अनुभवी उद्यमियों के साथ नेटवर्किंग को समझने का अवसर मिला। उपरोक्त कार्यशाला में सिडवी द्वारा उद्यमियों के लिए अपनी विभिन्न स्कीमो को भी साझा किया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की नवीन औद्योगिक एवं एम एस एम ई नीतियों से भी प्रतिभागियों एवं सदस्यों को अवगत कराया, जिससे प्रदेश के उद्योगों का संगठित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके। औद्योगिक दृष्टिकोण से बरेली जिला उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में से एक है। इसी कारण सरकार द्वारा राज्य के कुछ चयनित जिलों में ही ऐसे विशेष जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं, ताकि बरेली को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। इस कार्यशाला में सैन्ट्रल यू पी चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इन्डस्ट्री वैलफेयर एसो एवं अन्य संस्थाओं तथा विभिन्न जिलों से आये उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में सैन्ट्रल यू पी चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इन्डस्ट्री वैलफेयर एसो के अध्यक्ष राजीव शिंधल, अजय शुक्ला, पियूष अग्रवाल, सुनीत मूना, सीएस अंकित अग्रवाल, शेखर अग्रवाल, सीए सुधीर मेहरोत्रा, निशांन्त अग्रवाल एवं सजल गोयल आदि सहित अनेक उद्यमियों ने भाग लिया।