वृंदावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र की अध्यक्षता में वृन्दावन स्थित गीता शोध संस्थान भवन में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में यमुना पार प्रस्तावित पार्किंग स्थल से ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज, रोप-वे और यमुना घाटों के निर्माण व सौंदर्यीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जुगल घाट पर केबिल ब्रिज के निर्माण के प्रस्ताव पर भी मंथन हुआ। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था, जनसुविधाएं, यातायात प्रबंधन और एकल मार्ग व्यवस्था को लेकर अहम सुझाव सामने आए। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ दर्शन को सरल और सुरक्षित बनाना है।
यमुना जी के किनारे बने विभिन्न घाटों को सुंदर, आकर्षक और व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए अधिशासी अभियंता सिंचाई को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। घाटों के सौंदर्यीकरण से धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं की डिज़ाइन को स्क्रीन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिससे सभी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी साझा की जा सकी।
इस अवसर पर निर्माण कार्यों की वर्तमान प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों और दर्शनार्थियों की सुविधाएं सर्वोपरि हैं। सुगम, सुरक्षित और सरल दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
बैठक में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र के साथ जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नगेंद्र प्रताप, परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे राजेश कुमार, अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक, अधिशासी अभियंता सिंचाई राजेश कुमार, मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता प्रशांत कुमार सहित सेतु निगम, सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।