बिलसंडा में एक ही किसान को दी 33 बैग यूरिया, अमरिया में एक को मिली 32 बैग खाद
उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत में प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी और नियमों को ताक पर रखकर खाद बेचने वालों पर शिकंजा कस दिया है। आईएफएमएस पोर्टल पर बिक्री की समीक्षा के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने पीलीभीत, बीसलपुर, पूरनपुर और अमरिया क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक उर्वरक केंद्रों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। इन सभी की जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल के मुताबिक 01 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच हुई उर्वरकों की बिक्री का डेटा निकालकर समीक्षा की गई। पाया गया कि जब जनपद में खाद की कोई विशेष डिमांड नहीं है, उस दौरान भी कई समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं ने भारी मात्रा में यूरिया और डीएपी की बिक्री दिखाई है। जांच के दौरान पाया गया कि 23 सहकारी समितियों/उर्वरक केंद्रों पर अत्याधिक यूरिया की बिक्री की गई। जबकि सहकारी समिति टोडरपुर समेत छह समितियों को अत्याधिक मात्रा में डीएपी की बिक्री की गई, जबकि इस समय यूरिया व डीएपी की कोई विशेष डिमांड नहीं है।
बताते हैं कि सबसे ज्यादा गड़बड़झाला सहकारी गन्ना विकास समिति मझोला में मिला। यहां 30 किसानों को 18 से 20 बैग यूरिया नियम विरुद्ध तरीके से बेच दी गई। वहीं बिलसंडा के बालाजी खाद भंडार ने तो महज एक किसान को ही 33 बैग खाद दे डाली। इसके अलावा माधोपुर अमरिया की यूपीएसएस ने एक किसान को 32 बैग, वर्मा खाद भंडार ने एक किसान को 30 बैग खाद समेत कई अन्य उर्वरक विक्रेताओं के द्वारा भी अधिक खाद की बिक्री की गई है।
इन केंद्रों पर की गई कार्रवाई
इस मामले में 25 से अधिक उर्वरक केंद्रों/समितियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसमें एफएससी पीलीभीत, सहकारी गन्ना विकास समिति पीलीभीत, सहकारी गन्ना विकास समिति मझोला, सहकारी गन्ना विकास समिति बीसलपुर, सहकारी समिति टोडरपुर, शिवम खाद भंडार पूरनपुर, सिंह फर्टिलाइजर पूरनपुर, शर्मा खाद भंडार घुघचिहाई, दीक्षित फर्टिलाइजर, बालाजी फर्टिलाइजर, गगन एग्रीजंक्शन मझोला, किसान सेवा सहकारी समिति जोगीठेर, सहकारी समिति रायपुर विचपुरी, भारत पेस्टीसाइड्स, किसान सेवा सहकारी समिति अमरिया, शंकर इंटरप्राइजेज जोगराजपुर, किसान सेवा सहकारी समिति ललौरीखेड़ा सहित कई अन्य उर्वरक केंद्र/समितियों पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है।
पोर्टल की समीक्षा में पाया गया कि बिना मांग के सीजन में कई विक्रेताओं ने निर्धारित सीमा से कहीं अधिक खाद बेची है। यह नियमों का खुला उल्लंघन है और कालाबाजारी की ओर इशारा करता है। फिलहाल संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद इनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। -नरेंद्र पाल, जिला कृषि अधिकारी