बाबा खाटू श्याम के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। बरेली स्मार्ट सिटी द्वारा मनौना धाम रूट पर संचालित ई-बस सेवा को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। लंबे समय से इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार घट रही थी, जिसके चलते बसों की सीट भराव क्षमता बेहद कम हो गई थी। घाटा बढ़ने के बाद सिटी ट्रांसपोर्ट ने संचालन बंद करने का फैसला लिया।
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मनौना धाम रूट की 16 में से लगभग 12 बसों को बंद कर शहर के अलग-अलग रूटों पर ट्रांसफर किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन बसों के लिए नए शहरी रूट जल्द ही निर्धारित किए जाएंगे, ताकि सेवा का बेहतर उपयोग हो सके। दूसरी ओर, यात्रियों की सहूलियत बढ़ाने के लिए सिटी ट्रांसपोर्ट एक मोबाइल ऐप भी लाने जा रहा है। प्रबंध निदेशक दीपक चौधरी के अनुसार जनवरी 2026 से पहले ऐप शुरू हो जाएगा। इसके जरिए यात्री रूट, समय-सारिणी और टिकट बुकिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
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इधर, ग्रामीण रूटों से हटाई गई बसों को सोमवार से शहर के तीन रूटों पर चलाया गया, लेकिन पहले ही दिन स्थिति उम्मीद के विपरीत रही। चार फेरों में एक बस में सिर्फ 38 यात्री ही मिले, जबकि यही बसें ग्रामीण इलाकों में रोजाना 80–90 यात्रियों से भरी रहती थीं। जंक्शन क्षेत्र में ई-बस संचालन को लेकर ऑटो चालकों ने विरोध जताया, जिससे बस स्टाफ और ऑटो चालकों के बीच तकरार भी हुई।
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बस सेवा बंद होने का सबसे बड़ा असर 200 से अधिक गांवों पर पड़ा है। मनौना धाम, शेरगढ़ और शीशगढ़ रूटों पर बसें न चलने से डग्गामारी फिर बढ़ गई है। बिना परमिट वाहन मनमाने किराए लेकर चल रहे हैं, जिससे ग्रामीणों, छात्रों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच आरएसएस खंड संचालक डॉ. वेदप्रकाश शर्मा सहित कई ग्रामीणों ने नगर विकास मंत्री को पत्र भेजकर ई-बस सेवा को पुनः शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बस सेवा बंद होने से उनकी रोजमर्रा की आवाजाही और धार्मिक यात्राएं दोनों प्रभावित हो रही हैं।