श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण से संबंधित 156(3)/173(4) BNSS आवेदन पर मंगलवार को मथुरा के JM-II अदालत में सुनवाई हुई। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट द्वारा दायर इस मामले की अंतिम बहस नियत थी, लेकिन मूल पत्रावली उपलब्ध न होने के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने स्थिति पर गंभीर नाराज़गी जताते हुए कहा कि रिकॉर्ड का न मिलना न्यायिक प्रक्रिया में बाधा है।
अदालत ने जताई नाराज़गी; अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी
सुनवाई के दौरान ट्रस्ट अध्यक्ष जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य महाराज के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज अदालत में उपस्थित रहे। अदालत ने रिकॉर्ड रूम की लापरवाही पर आपत्ति जताते हुए अगली तारीख 5 दिसंबर निर्धारित की है, और निर्देश दिया कि उस दिन किसी भी स्थिति में मूल पत्रावली उपलब्ध कराई जाए। न्यायालय ने इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
यह भी पढ़िए: मुंबई में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के याचिकाकर्ता पर जानलेवा हमला
ट्रस्ट द्वारा दायर प्रकरण में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुख्य आरोपों में जन्मभूमि की भूमि को कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर “शाही मस्जिद ईदगाह” के नाम वक्फ में दर्ज कराना, लगभग 50 वर्षों से जारी बिजली चोरी और इस संबंध में की गई शिकायतों पर पुलिस द्वारा FIR दर्ज न करना शामिल है। इसके अतिरिक्त धमकी और अवैध गतिविधियों के आरोप भी लगाए गए हैं। ट्रस्ट ने अदालत से मांग की है कि थाना गोविंद नगर को इन गंभीर आरोपों पर तत्काल FIR दर्ज करने के आदेश दिए जाएं।
यह भी पढ़िए: मुंबई में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के याचिकाकर्ता पर जानलेवा हमला
अदालती कार्यवाही के दौरान दीपक शर्मा एडवोकेट, मनोज सिसोदिया एडवोकेट, रोहित आर्य एडवोकेट तथा श्री कृष्ण सेना के प्रदेश मंत्री श्रेष्ठ पाराशर मौजूद रहे। रिकॉर्ड रूम की स्थिति को लेकर अदालत ने गहरी असंतुष्टि जताई। दोपहर 12:30 बजे से संबंधित लिपिक और अन्य कर्मचारियों द्वारा लगातार खोजबीन की गई, लेकिन लंबी तलाश के बाद भी मूल पत्रावली नहीं मिल पाई। न्यायालय ने इसे अत्यंत गंभीर लापरवाही बताते हुए अगली तिथि तक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के सख्त आदेश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी, जहां मूल पत्रावली प्रस्तुत होने पर अंतिम बहस पूरी की जाएगी।