सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम अविनाश सिंह खासे सख्त दिखे। डीएम ने बैठक में अफसरों को स्पष्ट चेतावनी दी। कहा कि अब निर्देश नहीं, सीधी कार्रवाई होगी। उन्होंने परिवहन, पुलिस, नगर निगम, एनएचएआई, गन्ना विभाग सहित तमाम विभागों के अफसरों की मौजूदगी में 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक के निर्देशों को आधार बनाते हुए जिले में हो रहे हादसों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के पीछे लापरवाही सबसे बड़ा कारण है। इसके लिए जिम्मेदार अफसरों और एजेंसियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
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डीएम ने बैठक में सड़क सुरक्षा अभियान को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखने के निर्देश दिए। कहा कि जागरूकता कार्यक्रम दिखावे के लिए नहीं, असर के लिए हों। होर्डिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और अन्य माध्यमों से लगातार सड़क सुरक्षा संदेश आम लोगों तक पहुंचाए जाएं। दुर्घटना की स्थिति में एम्बुलेंस और क्रेन के देर से पहुंचने की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए रिस्पॉन्स टाइम हर हाल में कम करने के आदेश दिए गए।
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डिवाइडर पर बैठे या सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं को हादसों की बड़ी वजह बताते हुए एनएचएआई और नगर निगम को नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप न होने पर सीधे कार्रवाई के आदेश दिए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ब्रेथ एनालाइजर से सघन चेकिंग कर बिना किसी रियायत चालान काटने और कोहरे के मौसम को देखते हुए पोखर, तालाब और जलाशयों के पास चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग के अधिकारियों को स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने के साथ ही लंबी दूरी की रोडवेज बसों में दो ड्राइवर की व्यवस्था सुनिश्चित न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं ओवरलोड गन्ना लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, अवैध वाहन स्टैंड तुरंत हटाने और सड़कों पर पड़े मलबे को बिना देरी साफ कराने के निर्देश दिए । इसके अलावा एकाधिक चालान वाले वाहनों को सीज करने और कमर-तोड़, मानकविहीन स्पीड ब्रेकर हटाकर सुरक्षित ट्रैफिक उपाय अपनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का सौ फीसदी पालन होना चाहिए, वरना जिम्मेदार अफसर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
बैठक में सीडीओ देवयानी, एआरटीओ डॉ. पीके सरोज, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप सैनी, एआरएम बरेली डिपो संजीव कुमार, एआरएम रुहेलखंड डिपो अरुण वाजपेयी, यातायात सीओ, ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारी के साथ ही जिला सड़क सुरक्षा समिति के समस्त अन्य स्टैक होल्डर अधिकारी उपस्थित रहे।