महिला उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई करने वाली हाफिजगंज थाने की दरोगा पायल रानी अब खुद दहेज उत्पीड़न के केस को लेकर सुर्खियों में हैं। उनके द्वारा पति और ससुराल पक्ष पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद मामला सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक गरमा गया है। पति गुलशन के पलटवार ने विवाद को और भड़का दिया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
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दरोगा पायल रानी ने 13 नवंबर 2025 को हापुड़ के पिलखुवा थाना क्षेत्र स्थित गांव पूठा हुसैनपुर निवासी पति गुलशन और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। प्राथमिकी में आरोप है कि शादी के बाद 10 लाख रुपये और कार की मांग पूरी न होने पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोपियों में पति के पिता नरेंद्र कुमार, मां गीता, भाई कमल, भाभी कोमल, बहन सलोनी और बहनोई रिंकू के नाम भी शामिल हैं।
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मुकदमा दर्ज होते ही पति गुलशन ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने परिजनों के माध्यम से एसपी को शिकायती पत्र देकर पत्नी पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है। गुलशन का दावा है कि वर्ष 2022 में शादी से पहले दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और कोर्ट मैरिज भी हो चुकी थी। उनका कहना है कि उन्होंने मजदूरी कर पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और दरोगा बनवाया, लेकिन नौकरी लगते ही पत्नी के तेवर बदल गए।
वहीं, दरोगा पायल रानी का कहना हे कि उन्होंने यह नौकरी अपनी मेहनत और काबिलियत से हासिल की है। उनका दावा है कि ससुराल वालों को नौकरी लगने के बाद शादी में कार और मोटी रकम मिलने की उम्मीद थी। जब ऐसा नहीं हुआ तो प्रशिक्षण के दौरान ही 10 लाख का लोन लेने और कार खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर महीने का वेतन पति के खाते में भेजा गया, जिसके पुख्ता सबूत उनके पास मौजूद हैं।
पायल रानी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका पूरा परिवार शिक्षित और आत्मनिर्भर है। उनके अनुसार माता-पिता ने मजदूरी कर सभी बच्चों को पढ़ाया, जबकि उन्होंने खुद ट्यूशन पढ़ाकर पढ़ाई पूरी की और कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सहानुभूति बटोरने के लिए उनके पुराने फोटो-वीडियो जानबूझकर वायरल किए जा रहे हैं।
हापुड़ के एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी की जांच चल रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।