सोमवती अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए हस्ताक्षर, गौ संरक्षण और सख्त कानून की उठी मांग
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने और देशभर में प्रभावी गोवध निषेध कानून लागू करने की मांग को लेकर चल रहे ‘गो सम्मान आह्वान हस्ताक्षर अभियान’ को सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर नया बल मिला। विश्व प्रसिद्ध विश्राम घाट पर आयोजित अभियान में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए हस्ताक्षर किए।
अभियान का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठान के साथ किया गया। कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी और ज्योतिषाचार्य पंकज चतुर्वेदी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं को अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। इसके बाद बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर गौ संरक्षण के समर्थन में अपनी सहमति दर्ज कराई।
अभियान के जिला प्रभारी गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा में गौमाता को विशेष स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए केंद्र सरकार को कठोर कानून बनाना चाहिए, जिससे अवैध गोवध पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की भी मांग दोहराई।
मथुरा महानगर प्रभारी आचार्य ब्रजेंद्र नागर ने कहा कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था गाय से जुड़ी हुई है। उन्होंने गौवंश को देश की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण के लिए व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाए जाने की आवश्यकता जताई।
अभियान के महानगर संयोजक सुभाष सैनी ने बताया कि आने वाले दिनों में मथुरा के विभिन्न मंदिरों, आश्रमों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर जनजागरण का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में विश्राम घाट हस्ताक्षर केंद्र के संयोजक के रूप में तीर्थ पुरोहित आनंद बादामछाप को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान भाजपा महानगर जिला उपाध्यक्ष रामकिशन पाठक एडवोकेट, पूर्व पार्षद रामदास चतुर्वेदी, ऋषभ देव चतुर्वेदी, लोकेन्द्र नाथ कौशिक, गंगाधर अरोड़ा, पुरुषोत्तम पाठक, विजय हाले, डॉ. यशपाल शर्मा सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए केंद्र सरकार से अलग गो सेवा एवं गो संवर्धन मंत्रालय अथवा आयोग के गठन की मांग भी उठाई।