आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने पर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। संविधान हत्या दिवस एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी सम्मान समारोह में भाजपा नेताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कांग्रेस पर सत्ता बचाने के लिए संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का गला घोंटने का आरोप लगाया।
मसानी लिंक रोड स्थित परिणय गार्डन में आयोजित समारोह का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, विधायक श्रीकांत शर्मा, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव, जिलाध्यक्ष निर्भय पांडे और अन्य नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि 1975 में एक अदालती फैसले से सत्ता डगमगाने पर तत्कालीन सरकार ने देशवासियों के मौलिक अधिकार छीन लिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में न्यायपालिका, प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तक को कुचल दिया गया था। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के बारे में जानना जरूरी है।
पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन स्वतंत्र भारत के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज संविधान हाथ में लेकर लोकतंत्र की बात करते हैं, उनके राजनीतिक पूर्वजों ने ही लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने का काम किया था।
समारोह में लोकतंत्र सेनानी विनोद टैटिवाल ने आपातकाल के दौरान जेल में बिताए गए दिनों और यातनाओं को याद करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने संघर्ष किया, लेकिन तानाशाही के आगे झुके नहीं।
कार्यक्रम में आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस और मथुरा से पहुंचे 101 लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का सम्मान राष्ट्र के लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है।