जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद के पटियाली कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार शाम गंजडुंडवारा-पटियाली रोड स्थित एक मकान में डकैती की सनसनीखेज कोशिश उस समय नाकाम हो गई, जब परिवार की सूझबूझ और साहस के चलते तीनों हथियारबंद बदमाश घर के अंदर ही फंस गए। सूचना मिलते ही थाना पटियाली और गंजडुंडवारा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब दो घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ऑपरेशन और मुठभेड़ के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा छत से कूदने के दौरान घायल हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंजडुंडवारा रोड स्थित जिलानी गेस्ट हाउस के पास रहने वाले राहुल यादव अपनी पत्नी टिंकी यादव और 10 वर्षीय पुत्र आर्यांश के साथ शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे घर पर मौजूद थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक उनके घर पहुंचे। उन्होंने शादी का कार्ड देने की बात कहकर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही राहुल यादव ने दरवाजा खोला, बदमाशों ने तमंचे की बट से उनके सिर पर हमला कर दिया और परिवार को बंधक बनाकर डकैती का प्रयास किया।
अचानक हुए हमले के बावजूद परिवार ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। किसी तरह परिवार के सदस्य बदमाशों के चंगुल से बाहर निकल आए और शोर मचा दिया। शोर सुनकर बदमाश मकान की ऊपरी मंजिल पर भाग गए। इसी दौरान बाहर से मकान का मुख्य गेट बंद कर दिया गया, जिससे तीनों बदमाश घर के भीतर ही फंस गए।
शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और मकान को चारों ओर से घेर लिया। भीड़ बढ़ती देख एक बदमाश छत से नीचे कूद गया, जबकि उसके दो साथी मकान के अंदर ही छिपे रहे। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पीआरवी के माध्यम से थाना पटियाली पुलिस सक्रिय हुई। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी पटियाली के नेतृत्व में थाना पटियाली के प्रभारी निरीक्षक अजयवीर तथा थाना गंजडुंडवारा के प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम अपनी-अपनी पुलिस टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कुछ समय के लिए गंजडुंडवारा-पटियाली मार्ग पर यातायात रोक दिया गया तथा लाउडस्पीकर से लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई। मकान तक पहुंचने के लिए ऊंची सीढ़ी मंगाई गई और सुनियोजित तरीके से अभियान शुरू किया गया।
पुलिस ने कई बार बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। करीब दस मिनट तक चली मुठभेड़ में कई राउंड फायरिंग हुई, जिसमें अभिषेक पुत्र धीरेन्द्र (19) निवासी नरथर, थाना पटियाली और विकास पुत्र मनोज (20) निवासी रेलवे कॉलोनी, गंजडुंडवारा के पैर में गोली लगी। वहीं तीसरा आरोपी शौर्य प्रताप उर्फ भानू पुत्र थान सिंह (19) निवासी बरी बगवास, थाना सिकंदरपुर वैश्य छत से कूदकर भागने का प्रयास करते समय घायल हो गया, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। तीनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, .315 बोर के चार जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
ऑपरेशन समाप्त होने के बाद पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, पीड़ित परिवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तथा पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध डकैती के प्रयास, अवैध शस्त्र रखने, पुलिस पर जानलेवा हमला करने एवं अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
परिवार की सूझबूझ, स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी डकैती की वारदात टल गई। जिस घर को बदमाशों ने शादी का कार्ड दिखाकर आसान निशाना समझा था, वही उनकी गिरफ्तारी का कारण बन गया।