जागरण टुडे, मथुरा
भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली गोकुल में सीवर व्यवस्था और यमुना प्रदूषण की समस्या को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को पत्र भेजकर शीघ्र सीवर लाइन बिछाने, नालों की टैपिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित कराने की मांग की है। उन्होंने सांसद हेमा मालिनी द्वारा पूर्व में भेजे गए पत्र की प्रति भी अपने प्रस्ताव के साथ संलग्न की है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि गोकुल एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आते हैं। इसके बावजूद आज भी नगर के अधिकांश हिस्सों में खुली नालियां हैं, जिनमें सीवर और गंदा पानी बहता रहता है। इससे न केवल श्रद्धालुओं के सामने नगर की छवि प्रभावित होती है, बल्कि यमुना नदी भी लगातार प्रदूषित हो रही है।
उन्होंने बताया कि गोकुल से करीब 500 मीटर की दूरी पर गोकुल बैराज के पास नमामि गंगे परियोजना के तहत मथुरा शहर का बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। ऐसे में गोकुल के सीवर का उपचार भी उसी परियोजना से जोड़कर किया जा सकता है। इसके लिए गोकुल में करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाई जाए और यमुना में सीधे गिरने वाले सभी नालों की टैपिंग कर गंदे पानी को उपचार के लिए एसटीपी तक पहुंचाया जाए।
संजय दीक्षित ने कहा कि गोकुल भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा पवित्र तीर्थ है। ऐसे धार्मिक स्थल पर यमुना में सीधे गिरते नाले श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत की ओर से इस संबंध में कई बार प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में तीर्थ विकास परिषद की रिपोर्ट में गोकुल में प्रतिवर्ष लगभग 26 लाख पर्यटकों के आने का उल्लेख किया गया है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में आधुनिक सीवर व्यवस्था और स्वच्छता की बेहतर सुविधाएं विकसित करना समय की आवश्यकता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की कि गोकुल की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्ता को देखते हुए सीवर लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की योजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र कार्य शुरू कराया जाए, ताकि नगर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।