जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कासगंज। सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र में गंगा किनारे बनी एक झोपड़ी में सोमवार देर रात आग लगने के बाद मंगलवार सुबह एक व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि झोपड़ी जलने के बावजूद मृतक के गले में अंगोछे का फंदा मिला, जिससे मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
जानकारी के अनुसार, नगला डामर निवासी भाई सिंह (45) पुत्र नेक पिछले कुछ महीनों से घर से अलग गंगा किनारे अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। सोमवार देर रात उनकी झोपड़ी में अचानक आग लग गई। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने झोपड़ी में शव पड़ा देखा और इसकी सूचना परिजनों को दी।
मृतक के बड़े भाई कल्लू ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे वह मौके पर पहुंचे तो झोपड़ी जली हुई थी और भाई सिंह का शव अंदर पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक के गले में अंगोछे का फंदा साफ दिखाई दे रहा था। ऐसे में केवल आग लगने से मौत की बात पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक एवं डॉग स्क्वाड टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। गंगा किनारे झोपड़ी में आग और गले में फंदा मिलने की गुत्थी ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं।