जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। नगर के मोहल्ला बरी थोक चौक में पिछले लगभग एक सप्ताह से सामने आ रही रहस्यमयी घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। क्षेत्र के कई मकानों में अचानक गहरी दरारें पड़ने लगी हैं। कहीं दीवारें बीच से चटक गई हैं तो कहीं दो मंजिला मकानों की दीवारों और छतों में लंबी-चौड़ी दरारें उभर आई हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि किसी भी अनहोनी की आशंका के चलते कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार मुबीन, नबजुल, चांद मियां, सलीम, हाशिम और शरीफ समेत कई लोगों के मकानों में गंभीर दरारें आ चुकी हैं। कुछ मकानों की दीवारें इस कदर फट गई हैं कि उनमें से आर-पार देखा जा सकता है, जबकि कई स्थानों पर दीवार और छत के जोड़ तक अलग होते नजर आ रहे हैं। लगातार बढ़ती दरारों ने भवनों की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भय के साये में बीत रही हैं दिन-रात
मोहल्ले का माहौल पूरी तरह भयग्रस्त है। लोग रात में अपने घरों में रुकने से डर रहे हैं। कई परिवार आवश्यक सामान बाहर निकाल चुके हैं और रिश्तेदारों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि हर हल्की आवाज पर ऐसा महसूस होता है मानो मकान कभी भी भरभराकर गिर सकता है। कई परिवार पूरी रात जागकर हालात पर नजर रख रहे हैं।
आखिर क्यों दरक रहे हैं मकान, बना रहस्य
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन दरारों का वास्तविक कारण अब तक सामने नहीं आ सका है। मोहल्ले में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कोई जमीन के नीचे हलचल की आशंका जता रहा है तो कोई आसपास हुए निर्माण कार्य को इसकी वजह बता रहा है। हालांकि इन दावों की अब तक किसी तकनीकी विशेषज्ञ या प्रशासनिक जांच से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में कारण रहस्य बना हुआ है और लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
एक-दूसरे पर आरोप, लेकिन समाधान नहीं
दरारों को लेकर मकान मालिक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। कोई पड़ोसी के निर्माण कार्य को जिम्मेदार बता रहा है तो कोई अन्य वजह बता रहा है। लेकिन अभी तक किसी विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी निरीक्षण नहीं किया है, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
दरकते मकानों को देखने उमड़ रहे लोग
घटना की जानकारी फैलने के बाद आसपास के मोहल्लों से भी लोग दरारों वाले मकानों को देखने पहुंच रहे हैं। पूरे नगर में इस रहस्यमयी घटना की चर्चा है और हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर मजबूत दिखाई देने वाले मकानों में अचानक इस तरह की दरारें कैसे आने लगीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर कोई जांच को नहीं पहुंचा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
हालांकि, जब इस संबंध में नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा के अधिशासी अधिकारी के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया तो फोन लेखाकार श्रीकांत शर्मा ने रिसीव किया। उनसे मामले की जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि उन्हें फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मौके पर जांच के लिए संबंधित टीम को भेजा जाएगा।
तत्काल तकनीकी जांच की मांग
मोहल्लेवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भू-वैज्ञानिकों, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम भेजकर तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही जिन मकानों में गंभीर दरारें हैं, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि किसी भी संभावित हादसे से पहले लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल बरी थोक चौक के लोगों के लिए हर दिन और हर रात डर और अनिश्चितता के बीच गुजर रही है। अब पूरे मोहल्ले की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इन रहस्यमयी दरारों का वास्तविक कारण क्या है और क्या समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, या फिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा।