जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
थाना सिढपुरा क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 16 वर्षीय छात्रा अनन्या मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब राजनीतिक स्तर पर भी गूंजने लगा है। एटा लोकसभा क्षेत्र के सांसद देवेश शाक्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र जांच कराने की मांग की है। सांसद ने कहा है कि यदि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या आपराधिक कृत्य सामने आता है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कड़ी संवैधानिक कार्रवाई की जाए।
31 जुलाई 2026 को लिखे गए अपने पत्र में सांसद ने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र के कासगंज जनपद के सिढ़पुरा ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत गांव सिद्धपुर निवासी 10वीं की 16 वर्षीय छात्रा अनन्या मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। यह घटना न केवल पीड़ित परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर देने वाली है।
सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकें। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही, उदासीनता अथवा किसी प्रकार का आपराधिक कृत्य सामने आता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी पक्षपात के कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता का सरकार और कानून व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।
गौरतलब है कि बुधवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रा अनन्या का शव छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला था। मामले में पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। वहीं जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के समय छात्रावास की वार्डन ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं और उनकी जगह उनकी बेटी छात्रावास में कार्य कर रही थी। इस गंभीर लापरवाही पर खंड शिक्षा अधिकारी ने वार्डन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी है।
अब सांसद देवेश शाक्य के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के बाद इस पूरे मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक आयाम ले लिया है। ऐसे में सभी की निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।