कांवड़ यात्रा से पहले मिट्टी से गड्ढे भरने पर उठे थे के स्वर, भाजपा पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने जताई थी आपत्ति; प्रभारी अधिशासी अधिकारी मोहम्मद नासिर ने रुकवाया कार्य
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुविधा को लेकर एटा रोड की जर्जर सड़क का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जागरण टुडे में सड़क की बदहाली को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा द्वारा सड़क के गड्ढे भरने का कार्य शुरू कराया गया था। हालांकि गड्ढों में पीली मिट्टी डाले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और भाजपा पदाधिकारीयो ने इसका विरोध शुरू कर दिया। बढ़ते विरोध के बीच नगर पालिका प्रशासन ने फिलहाल यह कार्य रुकवा दिया है।
गौरतलब है कि जागरण टुडे ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि पटियाली के कादरगंज गंगा घाट से हजारों शिवभक्त गंगाजल लेकर गंजडुंडवारा की एटा रोड से होकर गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर बने गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई डामर और जर्जर मार्ग श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बने हुए हैं। खबर में यह सवाल भी उठाया गया था कि गड्ढा मुक्ति अभियान के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति बार-बार बदहाल क्यों हो जाती है।
समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका परिषद द्वारा गड्ढे भरने का कार्य शुरू कराया गया, जिसको लेकर उठे विरोध के स्वर की खबर को भी जागरण टुडे प्रकाशित किया। क्यो कि पीली मिट्टी डाले जाने का के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि बारिश होने पर यही मिट्टी कीचड़ में बदल जाएगी और कांवड़ यात्रा के दौरान नंगे पैर चलने वाले शिवभक्तों के लिए परेशानी का कारण बनेगी।
भाजपा नगर अध्यक्ष ऋषि अग्रवाल ने वीडियो साझा करते हुए कहा था कि मिट्टी डालना स्थायी समाधान नहीं है। बल्कि यह ही समस्या का कारण बनेगी। उन्होंने मांग की थी कि गड्ढों को सीमेंट-बजरी अथवा टिकाऊ सामग्री से भरा जाए, ताकि कांवड़ यात्रियों और आमजन को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
वहीं भाजपा मंडल महामंत्री एवं सभासद रवि शाक्य ने भी शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
इस संबंध में प्रभारी अधिशासी अधिकारी अपर उपजिलाधिकारी मोहम्मद नासिर ने बताया कि उन्होंने गड्ढों को रविश से भरने के निर्देश दिए थे, लेकिन मौके पर मिट्टी डाले जाने की जानकारी मिलने के बाद कार्य तत्काल रुकवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे और स्थिति का आकलन कर उचित समाधान सुनिश्चित करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एटा रोड के निर्माण का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए पहले ही भेजा जा चुका है।
अब कांवड़ यात्रा के दौरान एटा रोड की मरम्मत को लेकर लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।