जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कोतवाली गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव चिरोला में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। रेलवे पटरी के पास चारा चर रही करीब डेढ़ दर्जन बकरियां अचानक कासगंज से फर्रुखाबाद जा रही ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसे में सभी बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। अपनी आंखों के सामने बकरियों को मृत देखकर पशुपालक और उनके परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। घटना के बाद गांव में भी मातम का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6:15 बजे चिरोला गांव के पास कुछ पशुपालक रेलवे लाइन के समीप अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रेन संख्या 55344 वहां पहुंच गई। ट्रेन को आता देखकर पशुपालकों ने बकरियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन पलक झपकते ही कई बकरियां ट्रेन की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते पटरी के आसपास बकरियों के शव बिखर गए।
हादसे में गुल हसन पुत्र जरूर हसन की सात बकरियां, नगीना पत्नी रहमत शाह की सात बकरियां, मुहर्रम पुत्र अली खान की एक बकरी और एक अन्य पशुपालक की तीन बकरियों की मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पशुपालकों के परिजन मौके पर पहुंचे। अपनी मेहनत और उम्मीद का सहारा बनी बकरियों को मृत देखकर कई परिजन खुद को संभाल नहीं सके और बिलख पड़े।
बकरियों के साथ परिवारों की उम्मीदें भी टूटीं
पीड़ित पशुपालकों ने बताया कि बकरी पालन उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। लंबे समय से मेहनत कर पाली गई बकरियां उनके लिए महज पशु नहीं, बल्कि परिवार की आमदनी और बच्चों की जरूरतें पूरी करने का सहारा थीं। एक झटके में इतनी बकरियों की मौत से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ गहरा भावनात्मक आघात भी पहुंचा है।
पशुपालकों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए इस नुकसान की भरपाई करना आसान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से घटना का संज्ञान लेकर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है, ताकि हादसे से टूटे परिवारों को कुछ राहत मिल सके।