जलनिकासी बाधित होने पर नागरिकों ने खुद हटाए अवरोध, शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे जेई और सफाईकर्मी,बरसात में निर्माण या मुसीबत को न्योता के उठे सवाल
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
गंजडुंडवारा। नगर पालिका क्षेत्र के पूरब थोक वार्ड नंबर 19 में नाले के निर्माण कार्य की खराब कार्यशैली ने बरसात के मौसम में स्थानीय नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। करीब 15 दिनों से संबंधित ठेकेदार द्वारा नाले में पानी का प्रवाह रोके जाने के बाद देर रात हुई लगातार बारिश ने स्थिति को गंभीर कर दिया। जलनिकासी बाधित होने से नाले के किनारे बने मकानों में पानी भरने लगा और देखते ही देखते नाले के दोनों ओर इंटरलॉकिंग से बनी सड़क धंसने लगी। पानी के कटान से कई मकानों की नींव प्रभावित होने लगी, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय नागरिकों ने खुद मोर्चा संभाला और नाले में लगाए गए अवरोधों को हटाकर पानी की निकासी शुरू कराने का प्रयास किया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी का रास्ता नहीं खोला जाता तो सड़क धंसने के साथ ही मकानों को भी गंभीर नुकसान हो सकता था।
वहाँ के रहवासियों द्वारा बताया गया कि नाले के निर्माण के दौरान करीब 15 दिनों से पानी का प्रवाह रोका गया था। बरसात के मौसम में जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर अब नगर पालिका की कार्यशैली और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान यह ध्यान नहीं दिया गया कि बारिश होने पर नाले में पानी का दबाव और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के मकानों और सड़क को किस तरह सुरक्षित रखा जाएगा।
सात मकानों के आगे धंसी सड़क
जलभराव और पानी के कटान से करीब सात मकानों के सामने की सड़क और फुटपाथ बुरी तरह धंस गया। बहार मिया, भूरे, उसमान, मुन्ने, इश्तियाग, सलमान और कल्लू के मकानों के सामने इंटरलॉकिंग सड़क धंसने से अब उनके घरों की नींव पर भी खतरा मंडराने लगा है। पानी मकानों की नींव के आसपास कटान कर रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नाले का निर्माण जनता की सुविधा और जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर करने के लिए होना चाहिए, लेकिन निर्माण के दौरान ही जलनिकासी रोक दिए जाने से लोगों के घरों पर संकट खड़ा हो गया। लोगों ने बरसात के मौसम में निर्माण कार्य की योजना और ठेकेदार द्वारा अपनाई गई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निर्माण की गुणवत्ता और कार्यशैली की जांच की मांग की है।
बरसात में निर्माण या मुसीबत को न्योता
बरसात के मौसम में जब नगर में जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जरूरत होती है, ऐसे समय नाले में पानी रोककर निर्माण कार्य कराना नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। करीब 15 दिनों तक पानी का प्रवाह बाधित रहने के बाद हुई बारिश ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी। नाले के किनारे सड़क धंसने और मकानों की नींव में पानी पहुंचने से साफ है कि निर्माण से पहले जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं बरती गई।
सवाल यह भी है कि जब बरसात के दौरान नाले और सड़क के आसपास निर्माण कार्य से जलभराव और कटान का खतरा बढ़ सकता है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार ने सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी। निर्माण कार्य जनता की सुविधा के लिए होता है, लेकिन यदि वही निर्माण लोगों के मकानों और रास्तों के लिए खतरा बन जाए तो उसकी कार्ययोजना, निगरानी और गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
शिकायत के बाद पहुंचे जेई और सफाई कर्मचारी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी एवं एसडीएम मोहम्मद नासिर से शिकायत की। शिकायत के संज्ञान के बाद नगर पालिका के जेई मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही सफाई कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और नाले मे जल निकासी के अवरोधों को तत्काल हटाने में जुट गए, ताकि पानी की निकासी प्रभावित न हो और मकानों को और नुकसान से बचाया जा सके।
प्रभारी अधिशासी अधिकारी एवं एसडीएम मोहम्मद नासिर ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया गया है कि तत्काल उचित व्यवस्था कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। जलनिकासी बाधित न हो और लोगों के मकानों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले में नाले के निर्माण की गुणवत्ता, ठेकेदार की कार्यप्रणाली, निर्माण के दौरान पानी रोकने की व्यवस्था और पालिका स्तर से की गई निगरानी की जांच कराई जाए। साथ ही धंसी सड़क और प्रभावित मकानों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बारिश के बीच किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।