पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो हुई तीखी नोकझोंक, सवर्ण आयोग के गठन समेत कई मांगों को लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट,एडीएम को सौंपा ज्ञापन
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
सवर्ण आयोग के गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कासगंज में सवर्ण समाज, हरघर किसान यूनियन और करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बारह पत्थर मैदान से शुरू हुआ प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पहुंचा। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता आगे बढ़ते रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी कहासुनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपर जिलाधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह को भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए बारह पत्थर मैदान से लेकर कलेक्ट्रेट तक पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ते रहे। कुछ देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस होती रही। इसके बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं।
ज्ञापन में सवर्ण समाज के आर्थिक, शैक्षणिक और रोजगार संबंधी हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अधिकार-संपन्न सवर्ण आयोग के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस प्रकार SC, ST और OBC वर्गों के हितों की निगरानी के लिए आयोग गठित हैं, उसी प्रकार सामान्य वर्ग के हितों के संरक्षण के लिए भी प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
इसके अलावा आरक्षण व्यवस्था की समयबद्ध समीक्षा, योग्यता एवं आर्थिक स्थिति को भी प्राथमिकता देने, UGC की नीतियों में सवर्ण समाज के प्रतिनिधित्व तथा एससी/एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की मांग रखी गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनकी मांगें किसी वर्ग के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि समानता और न्याय के आधार पर व्यवस्था में सुधार की हैं।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता, महिला कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान दीपक तिवारी, राम सिंह, राजू, अशोक कुमार, युधिष्ठिर चौहान, विक्रम सिसोदिया, अंकित सक्सेना, प्रतीक, पवन कुमार, रंजीत, अखिलेश अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, दुष्यंत चौहान, अशोक राघव, राहुल सोलंकी, अरुण चौहान, मनोज ठाकुर, मीनू चौहान, कबीर प्रताप सिंह, राम लखन सिंह, अमित सक्सेना, उपेंद्र चौहान, दीपू सोलंकी, संजय पंडित, अनुपम भारद्वाज और गोपाल मराठा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।