जागरण टुडे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को जिलेभर में आस्था और उल्लास का माहौल रहा। एटा शहर और जलेसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे और धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु जय श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। जगह-जगह शोभायात्राओं का पुष्पवर्षा और पेयजल की व्यवस्था कर स्वागत किया गया।
एटा शहर में जगह-जगह हुआ स्वागत
एटा शहर में मौनी बाबा की बगीची, श्रृंगार नगर से यादव मेला कमेटी के तत्वावधान में शोभायात्रा शुरू हुई। विभिन्न मार्गों से होते हुए शोभायात्रा आगे बढ़ी। रास्ते में अलग-अलग समाजों और संगठनों की ओर से स्वागत शिविर लगाए गए। मुस्लिम, ब्राह्मण, लोधी और वैश्य समाज के लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। नगर पालिका परिषद की ओर से भी पुष्पवर्षा और पेयजल की व्यवस्था की गई।
शोभायात्रा जलेश्वर मिश्र गेस्ट हाउस, जीटी रोड पहुंचकर संपन्न हुई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते शहर की सड़कें कृष्णमय नजर आईं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया।
जलेसर में यादव महासभा ने निकाली शोभायात्रा
जलेसर में यादव महासभा के तत्वावधान में भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। इससे पहले नागेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ किया गया। आगरा रोड स्थित युवान पैलेस से शोभायात्रा रवाना होने से पहले सर्व समाज के बुजुर्गों को साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। युवाओं का पट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
शोभायात्रा आगरा रोड, महाराणा प्रताप चौक, तहसील रोड, बड़ा बाजार, मंडी, जवाहरगंज और महावीरगंज होते हुए कृषि उत्पादन मंडी समिति पहुंची। यहां भंडारे का आयोजन किया गया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और ठंडे पानी की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। शोभायात्रा में सैकड़ों लोग शामिल रहे।
जन्माष्टमी प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
जलेसर में सरस्वती शिशु मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं से संबंधित प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिताओं में वेद प्रकाश वार्ष्णेय, रागिनी गुप्ता, भावना कौशिक और पद्मावती ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया। प्रधानाचार्य महेश चंद्र चाहर ने निर्णायक मंडल का आभार जताते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से बच्चों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों के प्रति रुचि बढ़ती है।