बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। शनिवार शाम तक गर्रा, खन्नौत, गंगा और रामगंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
शनिवार पांच सितंबर को शाम 6:20 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार गर्रा नदी का जलस्तर 147.90 मीटर, खन्नौत नदी का 144.60 मीटर, गंगा नदी का 143.25 मीटर और रामगंगा नदी का जलस्तर 137.09 मीटर रहा। बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
रामगंगा किनारे पहुंचा प्रशासन
रामगंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उप जिलाधिकारी जलालाबाद, क्षेत्राधिकारी जलालाबाद और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के साथ ही जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए नाव और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए।
प्रशासन की ओर से नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को जलस्तर में होने वाले बदलाव की लगातार जानकारी लेने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और बच्चों को पानी के नजदीक न जाने देने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखी जा रही हैं।