जागरण टुडे,मीरगंज (बरेली)।
बरेली जनपद के थाना मीरगंज क्षेत्र के कपूरपुर गांव के समीप रामगंगा नदी के तेज कटान ने नदी किनारे स्थित मंदिर के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। लगातार बढ़ रहे कटान के चलते नदी की तेज धार मंदिर के बेहद करीब पहुंच गई है। मंदिर परिसर का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि रामगंगा नदी का जलस्तर और तेज बहाव नदी किनारे की जमीन को लगातार काट रहा है। कटान के कारण मिट्टी दरककर नदी में समा रही है और धीरे-धीरे नदी का रुख मंदिर की ओर बढ़ता जा रहा है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार यदि कटान इसी गति से जारी रहा तो मंदिर को और नुकसान पहुंच सकता है।
घटना से संबंधित फोटो में रामगंगा नदी का तेज बहाव मंदिर के बिल्कुल किनारे तक दिखाई दे रहा है। नदी के कटान से किनारे की जमीन लगातार कमजोर हो रही है। खतरे को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए हैं। ग्रामीण पेड़, डालियां और अन्य उपलब्ध सामग्री लगाकर अस्थायी रूप से कटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा के कटान की समस्या यहां पहले भी सामने आती रही है। इससे पूर्व भी कटान के कारण मंदिर परिसर का कुछ हिस्सा प्रभावित हो चुका है। लगातार कटान के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी भी है।
इधर, बाढ़ खंड की ओर से मंदिर और आसपास के क्षेत्र को कटान से बचाने के लिए कटानरोधी एवं फ्लड फाइटिंग कार्य कराए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नदी के तेज बहाव को देखते हुए केवल अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी और स्थायी कटानरोधी कार्य कराए जाएं। साथ ही नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में ठोस योजना बनाई जाए, ताकि आने वाले समय में मंदिर और आसपास के क्षेत्र को और नुकसान से बचाया जा सके।