जिले की गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही अब नहीं चलेगी। मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने गौशालाओं के नोडल अधिकारियों को हर माह अनिवार्य निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निरीक्षण रिपोर्ट मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराने को कहा।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सीडीओ ने गौशालाओं में हरे चारे, भूसे, स्वच्छ पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की व्यवस्था शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोवंश के रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि गौशाला पोर्टल पर दर्ज गोवंश की संख्या वही होनी चाहिए, जो निरीक्षण के दौरान मौके पर मिले। संख्या दर्ज करने में किसी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने बीमार और कमजोर गोवंश को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के निर्देश भी दिए, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो और बीमार पशुओं की बेहतर देखभाल हो सके।
जिन गौशालाओं तक पहुंचने वाली सड़कें खराब हैं, वहां संबंधित खंड विकास अधिकारी से समन्वय कर मरम्मत कराने को कहा गया। सीडीओ ने नोडल अधिकारियों को बैठकों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।