उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई घनी आबादी वाले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मलूकपुर, जसौली, दरगाह आला हजरत मोड़, बमनपुरी और सौदागरान समेत कई क्षेत्रों की सड़कें पानी में डूब गईं। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मलूकपुर निवासी मोनी ने बताया कि बारिश के बाद सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। कई जगह पानी सड़क पर जमा होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। दुकानदारों को भी जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इन इलाकों में हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है। बारिश रुकने के बाद भी पानी काफी देर तक सड़कों पर जमा रहता है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होने के साथ ही दुकानों और घरों के आसपास भी परेशानी होती है।
मास्टर प्लान बनाकर स्थायी समाधान की मांग
जनसेवा टीम के अध्यक्ष और समाजसेवी पम्मी खां वारसी ने नगर निगम प्रशासन से मलूकपुर और आसपास के मोहल्लों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बारिश में क्षेत्र के लोगों को जलभराव से जूझना पड़ता है। नगर निगम को जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर इसके लिए मास्टर प्लान तैयार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था के साथ ऐसे इंतजाम किए जाने चाहिए, जिससे बारिश के दौरान पानी सड़कों पर जमा न हो। स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।