जागरण टुडे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आह्वान पर चल रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत गुरुवार को बरेली में सपा कार्यकर्ताओं ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ पैदल मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा को लेकर नारेबाजी की।
पैदल मार्च सपा कार्यालय से शुरू होकर अंबेडकर पार्क पहुंचा। यहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नावेल्टी चौराहा और पटेल चौक होते हुए चौकी चौराहा पहुंचे। यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी समेत वरिष्ठ नेताओं ने माल्यार्पण किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें: शुभलेश यादव
समारोह के दौरान जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के वोट की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने संविधान के अनुच्छेद 326 से संबंधित प्रपत्र पढ़कर कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 326 लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वयस्क मताधिकार का प्रावधान करता है। सपा लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता व निष्पक्षता जरूरी: सपा सांसद
सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि जनता के वोट की ताकत ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को जरूरी बताते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर इससे समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने एसआईआर को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रदेश महासचिव एवं बहेड़ी विधायक अताउर रहमान ने भाजपा पर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा कार्यकर्ताओं और जनता ने भाजपा के कथित मंसूबों को सफल नहीं होने दिया। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।
भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम ने भी संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में विपक्ष का समर्थन करने वाले मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
संविधान की रक्षा के लिए जाग चुकी है जनता: वीरपाल सिंह
पूर्व सांसद वीरपाल सिंह ने भाजपा पर बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के संविधान के स्थान पर आरएसएस की विचारधारा लागू करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता और पीडीए जाग चुका है तथा लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने भी चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे लोगों को बैठाया गया है जिनकी कार्यशैली भाजपा के पक्ष में है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से इस्तीफे की मांग की। मार्च के दौरान कार्यकर्ता लगातार ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ जैसे नारे लगाते रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह और आक्रोश नजर आया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
मार्च में विधायक अताउर रहमान, शहजिल इस्लाम, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह और सुल्तान बेग, पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन समेत पार्टी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस अवसर पर बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर, पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य, शिवचरन कश्यप, जिला सचिव बृजेश श्रीवास्तव सविता, राजेश अग्रवाल, इंजीनियर अनीस, संजीव सक्सेना, नूतन शर्मा, सुरेंद्र सोनकर, पूनम सेठ, शालिनी सिंह, संगीता पाल समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, पार्षद, विधानसभा अध्यक्ष, प्रकोष्ठ अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे।