अभिभावकों ने पहले स्कूल के सामने प्रदर्शन किया फिर पास में ही रेलवे स्टेशन पर पटरी पर जाकर बैठ गए और ट्रेनों का संचालन रोक दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की फांसी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि फांसी से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। पुलिस को लोगों को शांत कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ।
हालात पर काबू पाने में पुलिस के फूले हाथ-पांव
घटना की जानकारी के बाद मंगलवार सुबह अभिभावकों का भारी जनसमूह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर स्कूल के बाहर इकट्ठा हो गया। कुछ देर बाद बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन पर पटरियों पर बैठ गए और ट्रेनों का संचालन रोक दिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारे लगाए। पुलिस अधिकारियों को स्थिति को नियंत्रित करने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। फिलहाल लोगों का विरोध-प्रदर्शन अब भी जारी है।
ऐसे खुला मामला
एक बच्ची ने 16 अगस्त को अपने परिजन से निजी अंग में दर्द की शिकायत की। इसके बाद परिजन ने दूसरी बच्ची के माता-पिता से संपर्क किया तो उसके माता-पिता ने बताया कि उनकी बेटी भी स्कूल जाने से डर रही है। कई दिनों से कुछ सहमी-सहमी सी रह रही है। इसके बाद अभिभावक दोनों बच्चियों को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे। वहां डॉक्टर ने उन्हें बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न होने की बात बताई। इसके बाद अभिभावक सीधे बदलापुर थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंचे लेकिन पुलिस ने मामला गंभीरता से नहीं लिया और कई घंटे थाने में बैठाने के बाद अभिभावकों को टरका दिया।
टॉयलेट में सफाईकर्मी करता था यौन शोषण
छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने वाले आरोपी सफाईकर्मी अक्षय शिंदे के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने शनिवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक सफाईकर्मी अक्षय शिंदे टॉयलेट में छात्राओं का यौन उत्पीड़न करता था। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर शनिवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी सफाईकर्मी की नियुक्ति एक अगस्त को ही इस स्कूल में हुई थी।
लापरवाही पर बदलापुर इंस्पेक्टर का तबादला
घटना की जानकारी होने पर 16 अगस्त को अभिभावक एक स्थानीय नेता के साथ मामले की शिकायत दर्ज कराने बदलापुर थाने पहुंचे थे। वहां उन्हें कई घंटे तक बिठाए रखा गया मगर कार्रवाई नहीं की गई। बाद में जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग के दखल पर आधी को रिपोर्ट दर्ज की गई। अभिभावकों को थाने में बैठाए रखने और कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर अफसरों ने बदलापुर इंस्पेक्टर का तबादला कर दिया है।
प्रधानाचार्य और दो कर्मचारी निलंबित
इस मामले में सोमवार देर शाम स्कूल प्रबंधन ने प्रधानाचार्य, एक शिक्षिका और महिला अटेंडेंट को घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया है। प्रबंधन ने अभिभावकों से माफी भी मांगी है। इसके साथ ही कर्मचारियों की नियुक्ति करने वाली फर्म का ठेका रद करते हुए उसे काली सूची में डाल दिया है। प्रबंधन ने सीसीटीवी कैमरे सही कराने और स्कूल परिसर में सुरक्षा कड़ी करने का भरोसा दिया है।
आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मुकदमा : उद्धव
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री लाड़की बहिन योजना चला रही है, लेकिन बहनों की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। कोलकाता की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ राज्यों को निशाना बनाकर महिलाओं के खिलाफ अपराध पर राजनीति की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जिस स्कूल में छात्राओं का यौन शोषण हुआ, उसका संबंध भाजपा नेताओं से है।