बरेली नगर निगम बोर्ड की सोमवार को हुई बैठक में सुबह 11 बजे सदन आरंभ होते ही पार्षदों ने आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए अफसरों का घेराव करना शुरू कर दिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। भाजपा और सपा पार्षदों ने जनहित के मुद्दे को लेकर निगम अफसरों की उदासीनता को तीखे स्वर में महापौर डॉ. उमेश गौतम के समक्ष रखा। सदन के आरंभ से ही कुत्ते और बंदरों के आतंक को लेकर तीखी बहस हुई। देर शाम तक चली बैठक में विकास के कई कार्यों पर मुहर लगी।
नगर निगम सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में सबसे पहले सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने आंकड़ों के साथ कुत्तों के बधियाकरण और वैक्सीनेशन को लेकर सवाल उठाया और निगम अफसरों पर कागजों में कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद पार्षद गौरव सक्सेना ने आवारा कुत्तों को लेकर नगर निगम अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। इस दौरान उन्होंने फोन में महिला का फोटो दिखाते हुए कहा कि आज ही उनके वार्ड की इस महिला को कुत्ते ने काटा है।
उन्होंने कहा कि हर वार्ड में 200 से अधिक आवारा कुत्तों का जमावड़ा है, लेकिन निगम के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठें हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक-एक वार्ड में एक-एक करोड़ के काम कराए जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मनमर्जी से वार्डों में विकास कार्य हो रहे हैं। पार्षद शमीम अहमद, सलीम अहमद, आरिफ कुरैशी, सतीश कातिब, शालिनी जौहरी, छंगामल मौर्य ने भी आवारा जानवरों के बढ़ते आतंक और अफसरों की लापरवाही तथा पक्षपात का आरोप लगाते हुए बैठक में जमकर नारेबाजी भी की। मुर्दाबाद के नारे भी लगे। बैठक में सांसद छत्रपाल गंगवार और नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
महापौर बोले- रोस्टर के आधार पर चलाएं अभियान
कुत्तों और बंदरों के पकड़ने को लेकर सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए महापौर डॉ. उमेश गौतम ने सभी को समझाते हुए आदेश दिया कि समस्या गंभीर है। निर्देश दिए कि अब हर वार्ड में रोस्टर के अनुसार आवारा जानवरों को पकड़ा जाएगा। इतना ही नहीं टीम जब जानवरों को पकड़ने जाए तो संबंधित वार्ड के पार्षद की मौजूदगी अनिवार्य हो। चारों जोन में अलग-अगल टीमें बनाई जाएं और चेताया कि इसमें लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जन जागरूकता के लिए हर वार्ड में आवारा जानवरों के काटने से होने वाली बीमारियों व अन्य बचाव संबंधी होर्डिंग-बैनर भी लगाने के आदेश दिए।
पार्षद बोले- अतिक्रमण प्रभारी करते हैं पक्षपात
कुत्तों और बंदरों का मुद्दा जैसे तैसे शांत हुआ तो इसी बीच पार्षदों ने अतिक्रमण और टैक्स वसूली का मुद्दा उठाया। इस पर आरोप प्रत्यारोप के चलते अतिक्रमण प्रभारी और पार्षदों में तीखी बहस हुई। पार्षदों ने अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर विभाग पर पक्षपात का आरोप लगाया। इस पर महापौर ने प्रभारी से कार्रवाई संबंधी दस्तावेज मंगवाए। वहीं पार्षद राजेश अग्रवाल ने टैक्स वसूली को लेकर आरोप लगाते हुए कहा कि टैक्स को लेकर गरीबों के मकानों की जांच हो रही है, जबकि ऊंची इमारतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस पर महापौर ने अधिकारियों को कार्रवाई में पारदर्शिता बरतने और पूर्व में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
पार्षद गौरव सक्सेना ने गायों की दुर्दशा पर उठाए सवाल
बैठक में पार्षद गौरव सक्सेना ने नगर निगम की गौशाला में गायों की देखरेख पर सवाल उठाए। कहा कि गो वंशों को पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा है। आम आदमी को वहां जाने की अनुमति इसलिए नहीं दी गई है जिससे सत्यता से पर्दा न उठ सके। वहीं, अगर कोई जाता भी है तो उसका मोबाइल जमा करा लिया जाता है। इस पर महापौर ने उनके सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि पूर्व में कई जन प्रतिनिधि गौशाला का निरीक्षण कर चुके हैं। बताया कि सभी ने गौशाला की व्यवस्थाओं की सराहना की है। सुरक्षा के मद्देनजर मोबाइल जमा कराया जाता है। आमजन के घूमने के लिए गौशाला नहीं है। जो भी पार्षद निरीक्षण करना चाहते हैं वह लिखित पत्र देकर अनुमति के बाद निरीक्षण कर सकते हैं।