पीएफ-ईएसआई सीधे खातों में जाएगा, पारिवारिक संपत्ति बंटवारे पर स्टाम्प शुल्क घटा, यूपी बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे अहम फैसला उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड के गठन को लेकर रहा। यह एक पब्लिक लिमिटेड नॉन-प्रॉफिट कंपनी होगी, जो आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन अब जेम पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से करेगी।
नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती तीन वर्ष के लिए होगी और उन्हें 16 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। वेतन, पीएफ और ईएसआई का अंशदान सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के जरिए होगा और नियमानुसार आरक्षण भी लागू रहेगा। सेवा अवधि में मृत्यु होने पर 15,000 रुपये अंतिम संस्कार सहायता भी दी जाएगी।
ऐसे मिलेंगी नई सुविधाएं
-
आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन निगम करेगा
-
वेतन हर महीने 1 से 5 तारीख तक सीधे खाते में
-
पीएफ-ईएसआई का योगदान सीधे खातों में
-
तीन साल तक सेवा का प्रावधान
-
26 दिन काम पर मिलेगा मानदेय
पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा सस्ता होगा
कैबिनेट ने संपत्ति विभाजन विलेख पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस को अधिकतम 5,000 रुपये तक सीमित करने का फैसला लिया है। पहले यह शुल्क संपत्ति के मूल्य पर आधारित होता था। नई व्यवस्था से पारिवारिक विवाद कम होंगे और बंटवारा आसान होगा।
यूपी बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
बैठक में उप्र इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को मंजूरी मिली। इसके तहत डिस्प्ले, कैमरा मॉड्यूल, मल्टीलेयर पीसीबी जैसे 11 प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेन्ट्स का उत्पादन प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार को 5,000 करोड़ रुपये के निवेश और लाखों रोजगार की उम्मीद है। इससे यूपी का इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा।