बरेली के राजेंद्र नगर का रहने वाला है आरोपी, यूपी, बिहार, बंगाल और गुजरात समेत कई राज्यों में कर चुका था ठगी
जागरण टुडे, बरेली। आधार कार्ड बनाने का फर्जी साफ्टवेयर बेचकर ठगी करने वाले जालसाज को बरेली एसटीएफ ने गिरफ्तार कर है। आरोपी यूपी के अलावा बिहार, गुजरात और बंगाल समेत कई राज्यों में दो हजार से अधिक लोगों को फर्जी साफ्टवेयर बेचकर ठगी कर चुका था। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा ली गई है। एसटीएफ पूछताछ कर रही है।
बरेली एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर ने बताया कि काफी दिनों से प्रदेश के कई जनपदों में आधार कार्ड बनाने का फर्जी साफ्टवेयर बेचने की सूचना मिल रही थी। इसे लेकर जिले में एसआई अजीत कुमार के नेतृत्व में टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। उसके बाद टीम ने प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेन्द्र नगर निवासी जयवीर गंगवार को बरेली रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास एक लैपटॉप, मोबाइल, दो कूट रचित आधार कार्ड के साथ चार एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपी के खिलाफ सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
नोएडा की आईटी कंपनी में नौकरी करना था आरोपी जयवीर
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी जयवीर ने बताया कि उसने कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया है। वह नोएडा की आईटी कंपनी में नौकरी करता था। जहां उसने आधार कार्ड बनाने का फर्जी साफ्टवेयर तैयार करके ठगी करने की योजना बनाई। इसके बाद वह नौकरी छोड़कर घर आ गया। फर्जी साफ्टवेयर तैयार करके उसे बेचने के लिए फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों में विज्ञापन शेयर करने लगा। वह एनीडेस्क के माध्यम से खरीदने वालों के कंप्यूटर में फर्जी साफ्टवेयर इंस्टाल कर देता था। इसके बाद वह उन लोगों को आईडी पासवर्ड भी देता था। इसके बदले में वह 1000 से लेकर 1500 रुपये तक लेता था।
रुपये ऐंठने के बाद मोबाइल कर लेता था बंद
पुलिस के अनुसार, जयवीर ने बताया कि फर्जी साफ्टवेयर जिन लोगों ने खरीदा उनके कंप्यूटर पर यह खुलता नहीं था। इस पर वह लोग फोन करके साफ्टवेयर नहीं खुलने की शिकायत करते थे। इसके बाद वह उसने रुपयों की मांग करता था। पैसे मिलने के बाद वह अपना नंबर बंद कर लेता था। आरोपी ने बताया कि पिछले दो साल में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात समेत अन्य राज्यों में 2 हजार से अधिक लोगों को फर्जी साफ्टवेयर बेच चुका है।