ब्याह हुए महज 08 माह ही बीते कि ससुरालियों ने वधू पर मायके से दहेज बतौर 06 लाख रूपये लाए जाने का दबाब बनाना शुरू कर दिया और विवहिता असमर्थता जताने पर रिश्ता टूटने के कगार पर पहुंच गया। तो बिचौलिया ने समझौता के नाम पर 50 हजार रूपये की डिमांड महिला पक्ष से कर दी। जिस पर मामला पुलिस तक पहुंच गया और पीड़िता की तहरीर पर मामले की रिर्पोट जनपद बरेली के मीरगंज कोतवाली में तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
जानें क्या है पूरा मामला -
जनपद बरेली के थाना शेरगढ़ के गांव काबर निवासी निशा पुत्र कल्लू उर्फ मुन्ने खां के द्वारा मीरगंज कोतवाली पुलिस को दिए गये शिकायती प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि उसका विवाह विगत 05 जनवारी 2025 को मीरगंज कोतवाली के गांव सुजातपुर निवासी तसलीम पुत्र राहजान के साथ मुस्लिम रीति रिबाज के साथ संपन्न हुआ था। निकाह गांव सुजातपुर के रहने वाले बिचौलिया साहब जान ने ही उसके पिता को भरोसे में लेकर कराया था। और उसके पिता ने बिचौलिया के बताये अनुसार निकाह दौरान 03 लाख 85 हजार रूपये नगद व 05 लाख रूपये बतौर दहेज का सामान व खातिर तबज्जो पर खर्च किया। ज बवह पहली बार विदा होकर ससुराल पहुंची तो पता चला कि उसका पति जुआरी है और उसके गलत युवतियों से संबंध हैं।
विवाहिता निशा ने आरोप लगाया है कि उसके पति तसलीम व सास अफसाना पहले ही दिन से दहेज कम मिलने का ताना देने लगे। और दोनों का रबैया खराब होता चला गया। इस बाबत जब उसने सारी बात अपने पिता को बताई और पिता ने इस मामले को बिचौलिया के सामने रखा। जिस पर बिचौलिया ने कहा कि 50 हजार रूपये हमें दो, तुम्हारा समझौता करा देंगे। उसके बाद उसके पति तसलीम व सास अफसाना ने यह कहते हुए घर से निकाल दिया कि तू अपने वाप की जमीन बिकवाकर उनसे 06 लाख रूपये ला, तभी तुझे अपने घर में रखेंगे। बरना हम दूसरी लड़की से शादी कर लेंगे।
मीरगंज कोतवाली प्रभारी प्रयागराज सिंह का इस मामले में कहना है कि पीड़िता महिला की तहरीर के तहत पति व सास और बिचौलिया के खिलाफ नामजद सुसंगत धाराओं में मुकददमा पंजीकृत कर लिया गया है और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।