ओमकार गंगवार, जागरण टुडे, मीरगंज (बरेली)।
जनपद बरेली के मीरगंज
तहसील इलाके की नगर पंचायत शीशगढ़ में सरकारी तालाब पर अबैध कब्जा कर कराये गये निर्माण पर (आज) शनिवार को तहसील
प्रशासन का धारा 67 की कार्यवाही के
तहत बुल्डोजर चल गया। और देखते ही देखते अबैध निर्माण पूरी तरह से धराशाई कर दिया
गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कम्प मच गया।
मीरगंज तहसील क्षेत्र के
अंतर्गत नगर पंचायत शीशगढ़ के अगबाड़ा मोहल्ला में गाटा संख्या 772 राजस्व रिकार्ड
में सरकारी तालाब दर्ज है। इसी तालाब के तकरीबन 40 वर्ग मीटर हिस्से पर कई वर्ष पूर्व शीशगढ़
कस्बा निवासी बसीम पुत्र अमीर अहमद ने अबैध कब्जा कर चौहददी दीवार का निर्माण करा
दिया था। सूत्रों के मुताबिक इसी अबैध
अतिक्रमण के मामले में काफी समय पूर्व किसी व्यक्ति ने माननीय उच्च न्यायालय में
रिट दायर कर रखी थी। जिसमें अबैध कब्जा
करने के आरोपी ने भी पैरवी की थी। लेकिन कोर्ट ने वादी पक्ष की दलीलें स्वीकार करते हुए बेदखली के आदेश दिए
थे। उधर इसी मामले को लेकर क्षेत्रीय
लेखपाल के द्वारा धारा 67 के अंतर्गत
तहसीलदार न्यायालय में कार्रवाई कर रखी थी। इसी मामले में तहसीलदार कोर्ट से भी तालाब की भूमि से बेदखली और जुर्माने के आदेश
पारित हुए।
शनिवार को धारा 67 और माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई को
अंजाम तक पहुंचाने के उददेश्य से तहसीलदार आशीष कुमार अपने साथ राजस्व निरीक्षक जुगेंद्र पाल सिंह और क्षेत्रीय
लेखपाल पुष्पेंद्र सिंह पटेल को लेकर
शीशगढ पहुंचे और शीशगढ थाना से निरीक्षक अपराध रविंद्र कुमार व पुलिस बल साथ लेकर अबैध अतिक्रमण ढहाकर सरकारी भूमि से बेदखली किए जाने
हेतु जेसीबी लेकर पहुंचे। और टीम ने पुनः तालाब की अबैध अतिक्रमण की हुई भूमि का चिंहांकन किया और उसके बाद अबैध निर्माण पर जेसीबी ने अपना पंजा चलाते हुए
निर्माण को धराशायी कर दिया। जिससे एकबारगी हड़कम्प मच गया। हांलाकि तहसील प्रशासन
का कहना है कि इससे पूर्व अबैध
निर्माण के आरोपी को कइ्र्र बार निर्माण हटाकर भूमि को मुक्त किए जाने हेतु लिखित एवं मौखिक रूप से चेताया गया था। लेकिन विपक्षी पर कोई असर
नहीं हुआ।
क्या बोले तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार -
तहसील दार मीरगंज आशीष कुमार ने बताया कि शीशगढ नगर
पंचायत में मोहल्ला अगबाड़ा में सरकारी तालाव की गाटा संख्या 772 के
कुछ हिस्से पर शीशगढ़ निवासी बसीम
के द्वारा अबैध कब्जा कर चौहददी दीवारों का निर्माण कर रखा था। इस मामले में धारा 67 बेदखली की कार्रवाई करते हुए एव माननीय उच्च न्यायालय
के दिशा निर्देशों के अनुपालन में निर्माण को
ढहबा दिया गया। और तालाब की भूमि
से आरोपी को बेदखल कर दिया गया। उन्होंने
बताया कि इस मामले में काफी समय पूर्व से
माननीय उच्च न्यायालय में रिट दाखिल थी। अब भूमि से बेदखल कर दिया गया और जो जुर्माना निर्धारित किया गया है। उसकी भी बसूली
की जायेगी।