जागरण टुडे, लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक नई पहल शुरू की है जिसके तहत अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों और छात्रावासों में प्रत्येक रविवार श्रमदान कराया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य छात्रों में अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
राज्य सरकार ने इस योजना की शुरुआत जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों और राजकीय छात्रावासों से की है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के निर्देश पर यह कार्यक्रम रविवार से लागू कर दिया गया है। इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देना है।
श्रमदान से मिलेगी सीख और जिम्मेदारी
इस पहल के तहत छात्र न केवल विद्यालय परिसर की सफाई करेंगे, बल्कि मरम्मत और रखरखाव के कार्यों में भी हिस्सा लेंगे। छात्रों को यह सिखाने का प्रयास है कि श्रम का महत्व क्या है और समाज में जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए सहयोग व अनुशासन कितना आवश्यक है।
श्रमदान कार्यक्रम के दौरान कक्षाओं, छात्रावासों और गलियारों की सफाई की जाएगी। टूटी हुई कुर्सियों, मेजों और अन्य फर्नीचर की मरम्मत कराई जाएगी। पानी की टंकियों और नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा कचरे का निस्तारण और गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण भी कराया जाएगा।
बागवानी पर विशेष जोर दिया जाएगा। छात्र सूखे पत्तों और टहनियों को हटाकर खाद तैयार करेंगे। इस तरह उन्हें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन की भी समझ मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थी जिम्मेदार और कर्मठ नागरिक के रूप में विकसित होंगे। साथ ही, विद्यालय और छात्रावास साफ-सुथरे रहेंगे जिससे पढ़ाई का माहौल और बेहतर बनेगा।