लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मीडिया की है, इसीलिए पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है। लोकतंत्र जनता सबसे ज्यादा भरोसा आज भी मीडिया पर करती है।
यह विचार मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्टस उप्र के बैनरतले हिंदी दिवस पर खंडेलवाल सेवा सदन में आयोजित राष्ट्रीय हिंदी महोत्सव में लोकतंत्र में पत्रकारता की भूमिका विषयक गोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों को नकारात्मक की जगह सकारात्मक खबरों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विशिष्ट अतिथि विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि जनता की ओर से मीडिया चौथे स्तंभ के रूप में लोकतंत्र के तीनों स्तंभों की निगरानी करता है। इसलिए पत्रकारों की जिम्मेदारी भी समाज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
मीडिया कौंसिल ऑफ जर्नलिस्टस के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह मीडिया को चौथे स्तंभ के रूप में मान्यता प्रदान करे। यह मान्यता न मिलने तक देशभर में पत्रकारों का सतत संघर्ष जारी रहेगा। अन्य प्रमुख वक्ताओं में राष्ट्रीय संयोजक ललित शर्मा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री नीरज गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष घनश्याम बाघी, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, समाजसेवी दीपक गोयल आदि ने भी विचार व्यक्त किए। गोष्ठी का संचालन मीडिया काउंसिल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज गोयल ने किया।
इस मौके पर विभिन्न प्रदेशों से आए एवं जनपद के पत्रकार साथियों के अलावा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने विशिष्ट लोगों को भी सम्मानित किया गया।
विचार गोष्ठी के बाद राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रो. ओमपाल निडर, पं. अशोक नगर, संजय सिंह, अर्जुन सिंह चांद, अजय अटटा पट्टू, विभा शुक्ला, कन्हैया राज, मनीष मगन, विकास बैरागी, बाबूलाल डींगिया, उन्नति भारद्वाज, मोहन वीर आदि ने अपनी कविताओं के मध्यम से देश के राजनीतिक परिदृश्य पर तीखे तंज और व्यंग कर श्रोताओं को आनंदित किया। संचालन सुशील गोस्वामी और आभार व्यक्त मीडिया काउंसिल आफ जनरएलिस्टस उप्र के संयोजक मफतलाल अग्रवाल ने किया।