विकास श्रीवास्तव
बदायूँ उझानी नगर पालिका से आ रहे दूषित पानी की निकासी रोकने की मांग को लेकर नरऊ हाईवे के पास चल रहा क्रमिक अनशन मंगलवार को 87वें दिन भी जारी रहा। गांववासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मिलकर किए जा रहे इस सत्याग्रह में आज प्रातः 10 बजे राजाराम जाटव, फूल सिंह, कृपाल सिंह, राजाराम टेलर और प्रमोद सिंह क्रमिक अनशन पर बैठे।
इस बीच प्रशासन के निर्देश पर बरेली से आए प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने गांव में जल जीवन निगम द्वारा प्रतिबंधित हैंडपंपों और पानी की टंकी से जल के नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा गया है। अनशनकारियों को इससे उम्मीद जगी है कि प्रशासन अब पेयजल संकट के समाधान की दिशा में सक्रिय हुआ है। हालांकि सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा जब तक दूषित नाले के डायवर्जन का कार्य प्रारंभ होने का ठोस प्रमाण नहीं मिल जाता।
सांय 5 बजे जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह, महासचिव इगलास हुसैन, महासचिव कृष्णवीर मौर्य, सचिव वीरपाल यादव और ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेश गौड़ ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर दिन का अनशन समाप्त कराया।
धरना स्थल पर ओमकार सिंह ने कहा कि पेयजल की समस्या गंभीर है और प्रशासन को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक धरातल पर डायवर्जन का कार्य नहीं शुरू होता, आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से ग्रामीणों के साथ खड़ी है।
इस आंदोलन में तेजेन्द्र पाल कश्यप, कमल प्रताप सिंह, योगेंद्र सिंह सोलंकी, दशरथ, योगेश, धर्मपाल, अमर सिंह, सुनील कुमार, बलवीर आदि सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों की एकजुटता और संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, यह जनआंदोलन थमेगा नहीं।