शाहजहांपुर जिले के थाना जैतीपुर क्षेत्र के गोहापुर पुल के पास नदी किनारे मिट्टी में दबे मिलने के बाद बचाई गई नवजात बालिका का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। चिकित्सकों ने बच्ची की हालत अभी भी नाजुक बताई है। फिलहाल उसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की गहन निगरानी में रखा गया है।
इस संवेदनशील प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए न्यायपीठ, बाल कल्याण समिति (प्रदत्त शक्तियां - प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट) शाहजहांपुर के अध्यक्ष अमितेश द्विवेदी बुधवार को जिला अस्पताल पहुँचे। उनके साथ सदस्यगण राम औतार त्रिपाठी, मुनीश सिंह परिहार और अरविंद मिश्रा भी मौजूद रहे। समिति ने नवजात का हाल जाना और इलाज व देखभाल की पूरी जानकारी चिकित्सकों से ली।
अस्पताल में मौजूद चिकित्सा दल में अखिलेश कुमार, अनुपम गौतम, डॉ. रितु राज, अभिनव कुमार और यदुवीर शामिल रहे। वहीं चाइल्ड लाइन से विनय कुमार शर्मा, सुधीर कुमार तथा जिला बाल संरक्षण इकाई से निकेत कुमार सिंह भी इस मौके पर उपस्थित रहे।
अस्पताल में समीक्षा के दौरान समिति अध्यक्ष अमितेश द्विवेदी ने साफ निर्देश दिए कि नवजात की देखभाल, सुरक्षा और पालन-पोषण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इलाज या सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति ने बच्ची के लिए बेहतर इलाज, पोषण और विशेष देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को थाना जैतीपुर क्षेत्र के गोहापुर पुल के पास नदी किनारे ग्रामीणों ने मिट्टी में दबे रोने की आवाज सुनी थी। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो नवजात बच्ची मिट्टी से बाहर निकालकर जीवित पाई गई। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है, लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उसे बचाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं।