रामपुर रियासत के अंतिम नवाब रजा अली खां की बेटी नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम का अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में निधन हो गया। वह 92 साल की थीं। 29 अक्टूबर को अमेरिका में ही उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके निधन का पता लगने पर रामपुर के शाही खानदान में शोक छा गया।
नवाबज़ादी महरून्निसा बेगम का जन्म 24 जनवरी 1933 को रामपुर में हुआ था। वह नवाब रजा अली खां की तीसरी पत्नी तलअत ज़मानी बेगम की पुत्री थीं। बचपन में उन्होंने मसूरी और लखनऊ में शिक्षा प्राप्त की। उनकी पहली शादी भारतीय सिविल सेवा (ICS) से जुड़े सैयद तकी नक़ी से हुई थी, जबकि दूसरी शादी पाकिस्तान के पूर्व एयर चीफ मार्शल और राजदूत रहे अब्दुर्रहीम खां से हुई। 1977 में वह अमेरिका चली गईं। वहां वह इंटरनेशनल सेंटर फॉर लैंग्वेज स्टडीज में उर्दू और हिंदी की शिक्षिका के रूप में कार्यरत रहीं।
परिजनों के मुताबिक नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम के एक बेटे ज़ैन नक़ी और दो बेटियां ज़ेबा हुसैन एवं मरयम खान हैं। उनके एक बेटे आबिद खां का पूर्व में निधन हो चुका है। ज़ैन नक़ी अमेरिका में रहते हैं, और उन्होंने अपनी मां की अंतिम समय तक सेवा की। बताते हैं कि नवाब रजा अली खां की छह बेटियों में नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम दूसरे नंबर की थीं। उनकी दो बहनों नवाबजादी खुर्शीद लका बेगम और नवाबजादी कमर लका बेगम का पहले निधन हो चुका है। परिवार की अन्य बहनें नवाबजादी बिरजिस लका बेगम और नवाबजादी नाहीद लका बेगम दिल्ली में, जबकि नवाबजादी अख्तर लका बेगम लखनऊ में निवास करती हैं।
नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम के इंतकाल पर पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है। पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने भी उनके निधन पर शोक प्रकट किया है।