जागरण टुडे, बरेली। नगर निगम में फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने मृतक सफाई कर्मचारी लालजी के नाम पर खुद को उनका पुत्र बताकर मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हासिल कर ली। शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शासन स्तर तक मामले की जांच की मांग की है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने जांच के आदेश देकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संगठन ने शिकायत की लालजी की मृत्यु 1983 में हुई थी, जबकि आरोपी की नियुक्ति लगभग 10 साल बाद हुई। आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल की और सालों तक वेतन प्राप्त किया। उसने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनवाकर खुद को कार्यवाहक लिपिक भी घोषित कर लिया। इस फर्जी नियुक्ति से नगर निगम को करीब एक करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति हुई है।
शिकायत में आरोप है कि वास्तविक रूप से फर्जी तरह से नौकरी लेने वाले व्यक्ति के माता-पिता भी नगर निगम में कार्यरत थे। बावजूद व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर खुद को दूसरे का पुत्र बताकर नौकरी पा ली। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है में मामले में संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।