जागरण टुडे, बरेली। सेंट्रल जीएसटी की एसआईबी की नोएडा और ग्रेटर नोएडा से आई टीम ने यहां प्रेमनगर इलाके के शास्त्री नगर निवासी फैक्ट्री संचालक तरुण अग्रवाल और उनके भाई वरुण अग्रवाल के घर छापा मारा। जानकारी मिलने पर व्यापारी नेता फैक्ट्री संचालक के घर के बाहर जा पहुंचे। उनके विरोध जताने पर टीम के सदस्यों से नोकझोंक भी हुई। सीजीएसटी टीम की देर शाम तक जांच जारी रही। बताते हैं कि टीम इतनी गोपनीयता से पहुंची कि आसपास के लोगों तक को इसकी भनक नहीं लगी।
व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार टीम दोपहर में तीन गाड़ियों से उद्यमियों के घर पहुंची। शास्त्री नगर के रहने वाले कारोबारी परसाखेड़ा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और गद्दे बनाने की फैक्ट्री चलाते हैं। फैक्ट्री से माल गैर जिलों में भी सप्लाई होता है। सीजीएसटी विभाग की टीम लेन-देन के अभिलेखों में गड़बड़ी मिलने पर जांच के लिए यहां पहुंची है। अभिलेखों की जांच के दौरान उद्यमी भाइयों के घर से पांच करोड़ रुपये नकद भी मिले। इस पर आयकर विभाग को इसकी सूचना दी गई, जिससे स्थानीय आयकर विभाग की टीम भी पहुंच गई।
उद्यमी भाइयों के घर पर छापे की सूचना मिलने पर भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश मंत्री अनिल अग्रवाल समेत कई व्यापारी नेता मौके पर जा पहुंचे और टीम से जानकारी मांगी, लेकिन सीजीएसटी टीम के सदस्यों ने कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। अधिकारियों ने जांच पूरी होने के बाद ही कुछ भी कहने की बात कही है। नोएडा से आई सीजीएसटी की टीम घर पर जांच करने के बाद फैक्ट्री पर भी जा सकती है।
व्यापारी नेताओं को तीन घंटे बाद लगी भनक
उद्यमी के घर पर सीजीएसटी की टीम के पहुंचने की भनक करीब तीन घंटे बाद भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों को लगी। इस पर मौके पर पहुंच कर मंडल के सदस्यों ने जांच कर रही टीम के अधिकारियों से घर पर नियम विरुद्ध जांच करने का तर्क दिया, लेकिन अधिकारियों ने कुछ भी जवाब नहीं दिया। नोकझोंक भी हुई। हालांकि, आधे घंटे बाद व्यापार मंडल के लोग वहां से चले गए।