देव दीपावली महोत्सव समिति ने कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर यमुना घाटों पर असंख्य दीप जलाक रोशनी का आयोजन किया। यमुना की लहरों पर झिलमिलाते दीपों ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया। मुख्य आयोजन स्वामी घाट स्थित यमुना मंदिर पर हुआ, जहां भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति और श्री वामन भगवान महोत्सव समिति ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और वेद ध्वनि से देव दीपावली की शुरुआत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामगोपाल शर्मा, पंडित श्याम शर्मा और यमुना भक्त पंकज चतुर्वेदी महाराज ने वेद ध्वनि और स्वस्तिवाचन के बीच दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर आचार्य लंबू पंडित के नेतृत्व में वैदिक मंगलाचरण हुआ, जिससे पूरा स्वामी घाट “हर हर महादेव” और “जय माँ यमुना” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
पंडित रामगोपाल शर्मा ने कहा कि देव दीपावली केवल दीपों का उत्सव नहीं, बल्कि यह धर्म, संस्कार और एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर श्री बागेश्वर जन सेवा समिति द्वारा बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में दिल्ली से वृंदावन तक ऐतिहासिक पदयात्रा आरंभ की जा रही है। यह यात्रा 7 से 16 नवंबर तक चलेगी और सनातन जागरण का संदेश पूरे देश में फैलाएगी।
यमुना भक्त पंकज चतुर्वेदी ने कहा “यमुना केवल नदी नहीं, भारत की आध्यात्मिक धारा हैं। उनकी शुद्धि, मन की शुद्धि से जुड़ी है। जब तक नदियाँ निर्मल नहीं होंगी, संस्कृति भी पूर्ण नहीं होगी।” उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि यमुना सेवा को धर्म का हिस्सा मानकर हर कोई नदी संरक्षण का संकल्प ले।
कार्यक्रम में कुशल पाल शर्मा, गौरव शर्मा, के.के. शर्मा, आशीष शर्मा, ललित स्वामी, कन्हैया लाल शर्मा, अनिल शर्मा, विजय शर्मा, कुलदीप शास्त्री आदि ने अतिथियों का स्वागत शाल, दुपट्टा और स्मृति चिह्न भेंट कर किया। श्याम शर्मा ने बताया कि कृष्णगंगा घाट से विश्राम घाट, राजा घाट, ध्रुव घाट तक दीपोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।