जागरण टुडे, बरेली
हर साल कैंसर जागरूकता दिवस दो महत्वपूर्ण तिथियों पर मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस 4 फरवरी और राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 7 नवंबर को होता।
इन दोनों दिनों का मुख्य उद्देश्य है लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रोकथाम के उपायों को प्रोत्साहित करना और शीघ्र पहचान व उपचार के महत्व को समझाना।
2014 में हुई थी राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस की शुरुआत
राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस की शुरुआत वर्ष 2014 में भारत सरकार ने की थी। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने इसकी घोषणा की थी। इस दिन का चयन इसलिए किया गया क्योंकि 7 नवंबर नोबेल विजेता वैज्ञानिक मैरी क्यूरी (Marie Curie) का जन्मदिन है। उन्होंने रेडियम और पोलोनियम की खोज की थी, जिनका उपयोग आज कैंसर के इलाज में रेडिएशन थैरेपी के रूप में किया जाता है।
कैंसर होने के हैं कई कारण
कैंसर एक ऐसी गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। यह शरीर के किसी भी हिस्से- जैसे फेफड़े, स्तन, आंत, मुंह आदि में हो सकता है। कैंसर के मुख्य कारण तंबाकू और गुटखा सेवन, अत्यधिक शराब का सेवन, अस्वास्थ्यकर भोजन, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण हैं। कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अनदेखा न करें। नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता से इस बीमारी को शुरुआती अवस्था में पहचाना और रोका जा सकता है।
जनजागरूकता कार्यक्रम
इस अवसर पर विभिन्न स्थानों-जैसे अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों में जनजागरूकता अभियान, नि:शुल्क जांच शिविर, सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इनका उद्देश्य लोगों को कैंसर के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार की जानकारी देना है।
सौजन्य से- संजीव मेहरोत्रा, महामंत्री, बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन