अखिल भारतीय समता फाउंडेशन और महात्मा ज्योतिराव फुले विकास समिति मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और समाज के कमजोर वर्गों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। संजय बीडीसी के नेतृत्व में राजकीय छात्रावास मथुरा से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने बहन-बेटियों, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के लोगों पर हो रहे जातिगत व सांप्रदायिक हमलों, शोषण और अत्याचारों पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान पांच सूत्रीय ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम उप जिलाधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) श्रीमती उषा को सौंपा गया, जिसमें प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग भी शामिल रही।
फाउंडेशन के नेताओं रमेश सैनी और एडवोकेट अजय सनवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अनुसूचित जाति की महिलाओं, बहन-बेटियों और मासूम युवाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने सरकार पर जातीय पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
इस दौरान लुकेश कुमार राही ने मथुरा में युवाओं पर हो रहे हमलों और 9 वर्षीय बालिका के साथ हुए अत्याचार का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है, परंतु प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब सत्ता में बैठे लोग ही संविधान और कानून की मर्यादाओं की अवहेलना करेंगे तो आम जनता का विश्वास कैसे बचेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार के खिलाफ नारे लगाए और राज्यपाल से हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर डॉ. भगवान सिंह, बृजलाल कॉमरेड, चित्रसेन मौर्य, संजय सैनी, राजेश कुमार, अनिल कुमार, एड. अजय सनवाल, डॉ. अरुण कुमार, एड. अरविंद कुमार, गौरव कुमार, रंजीत बाटी, नरेश कुमार, सन्नी एडवोकेट सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।