राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीजी इंटरनेशनल स्कूल छाता में क्षय रोग (टीबी) विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यालय के प्रिंसिपल गौरव देशमा ने विद्यार्थियों को टीबी के कारण, लक्षण, उपचार एवं बचाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकता है।
कार्यक्रम में प्रिंसिपल गौरव देशमा ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन इसका उपचार पूरी तरह संभव है। उन्होंने बताया कि यदि तीन सप्ताह से अधिक खांसी हो, वजन घटे या बुखार बना रहे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निःशुल्क जांच, दवा और पोषण सहायता (निक्षय पोषण योजना) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे कोई भी मरीज आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक बृजेश शर्मा एवं अमित कुमार ने भी छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और टीबी से बचाव के उपाय बताए।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य केंद्र छाता से वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक राहुल और मुकेश भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि टीबी की दवा सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। समय पर इलाज होने से यह रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने घर-परिवार और समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएंगे, ताकि “टीबी मुक्त मथुरा” के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सके।